SEBI New Rule: शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों की मार्केट वैल्यू यानी मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalisation) को कैलकुलेट करने का तरीका बदल गया है। शेयर बाजार की निगरानी करने वाली संस्था सेबी (SEBI) ने यह तरीका बदला है। नए निर्देशों के मुताबिक अब सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप पिछले छह महीने के औसत से तय होगा। नए नियमों के तहत सूचीबद्ध कंपनियां अब एक दिन की जगह, पिछले छह महीने की अवधि में रहे‘औसत मार्केट कैप’ का इस्तेमाल करेंगी।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी सूचीबद्ध कंपनी के मार्केट कैप में उसके शेयर के भाव के आधार पर रोजाना उतार-चढ़ाव होता रहता है। ऐसे में एक उचित अवधि में रहे औसत मार्केट कैप के आंकड़े से उस कंपनी की मार्केट वैल्यू को सही तरीके से दिखाया जा सकेगा।
ये बदलाव SEBI के पूर्व फुलटाइम मेंबर एस के मोहंती की अध्यक्षता में गठित एक एक्सपर्ट कमिटी की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। इस कमिटी का गठन ईज ऑफ डूइिंग को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। SEBI ने 17 मई को जारी एक नोटिफिकेशन में कहा कि ये बदलाव 31 दिसंबर 2024 से लागू होगा।
निर्देशों के मुताबिक, लिस्टेड कंपनियों की रैकिंग 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक रहे औसत मार्केट कैप के आधार पर तय होगी, जिसमें 31 दिसंबर कट-ऑफ तारीख होगी। जब कोई नई कंपनी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होगी, उस स्थिति में ये प्रावधान सूचीबद्ध कंपनी पर पहली बार, किसी अंतरिम अवधि के बाद, या 31 दिसंबर (यानी 1 अप्रैल) के तीन महीने बाद या अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में, जो भी बाद में हो, उस दिन लागू होगा।
यदि किसी कंपनी की रैंकिंग लगातार 3 सालों तक बदलती है, तो नए प्रावधान उस लिस्टेड कंपनी पर लागू नहीं होंगे, जिससे मार्केट कैप में उतार-चढ़ाव का अनुभव करने वाली कंपनियों को राहत मिलेगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी है। नए नियमों के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज का बीएसई पर पिछले 6 महीनों (1 जुलाई से 31 दिसंबर 2023) के दौरान औसत मार्केट कैप 16.39 लाख करोड़ रुपये होगा। हालांकि, 2023 के आखिरी कारोबारी दिन यानी 29 दिसंबर को RIL का मार्केट कैप 17.49 लाख करोड़ रुपये था।
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