SEBI exchange outages SOP : अब अगर एक्सचेंज में किसी वजह से भी कामकाज बाधित हुआ तो मार्केट पार्टिसिपैंट्स, ट्रेडिंग मेंबर्स आदि को 15 मिनट के भीतर इसकी सूचना देनी होगी। यही नहीं रेगुलेटर को तत्काल इसकी जानकारी देनी होगी। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने स्टॉक एक्सचेंज में किसी भी वजह से कामकाज ठप होने की स्थिति में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) जारी किए हैं। सेबी के सर्कुलर के मुताबिक, एक्सचेंज में गड़बड़ी यानी आउटेज का मतलब ट्रेडिंग बंद होने से है। इनमें एक्सचेंज में तकनीक गड़बड़ियों या एक्सचेंज के कंट्रोल से बाहर की वजह शामिल हैं।
ऐसी स्थिति में एक्सचेंज को मार्केट पार्टिसिपैंट्स, ट्रेडिंग मेंबर्स और अन्य एमआईआई को सूचना देने लिए 15 मिनट की टाइम विंडो दी गई है।
-एक या ज्यादा सेगमेंट के इस गड़बड़ी से प्रभावित होने की स्थिति को ‘आउटेज’ माना गया है। हालांकि, अन्य अप्रभावित सेगमेंट में ट्रेडिंग जारी रहेगी। साथ ही, अन्य अप्रभावित एक्सचेंज अपने सभी मार्केट सेगमेंट्स में ट्रेड जारी रख सकेंगे।
-प्रभावित एक्सचेंज को ट्रेडिंग शुरू करने से पहले सभी मार्केट पार्टिसिपैंट्स को 15 मिनट पहले सूचना देनी होगी। वहीं, प्रभावी प्राइस डिस्कवरी के लिए प्री-ओपनिंग सेशन सामान्य प्री-ओपनिंग सेशन की तरह होगा।
-सर्कुलर के मुताबिक, यदि प्रभावित स्टॉक एक्सचेंज में सामान्य क्लोजर से कम से कम एक घंटे पहले ट्रेडिंग सामान्य स्थिति में आ जाती है तो ट्रेडिंग के घंटों में कोई बदलाव नहीं होगा।
-यदि एक घंटे पहले ट्रेडिंग सामान्य नहीं होती है तो सभी एक्सचेंजों को ट्रेडिंग का समय उस दिन डेढ़ घंटे तक बढ़ाना होगा। एक्सचेंजों को ट्रेडिंग का समय बढ़ाने की सूचना मार्केट क्लोजर से कम से कम सवा घंटे पहले बताना होगा।
-यदि एक्सचेंज सामान्य क्लोजर से 45 मिनट बाद तक गड़बड़ी को दूर नहीं कर पाता है तो फिर प्रभावित एक्सचेंज में उस दिन कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। हालांकि अन्य अप्रभावित एक्सचेंज में बढ़ाए गए समय के लिए कामकाज जारी रहेगा।
-यदि गड़बड़ी ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में और निर्धारित क्लोजर से 15 मिनट पहले होती है तो सभी एक्सचेंजों के लिए ट्रेडिंग का समय डेढ़ घंटे तक बढ़ाया जाएगा।