Why Sensex-Nifty Rocketed: घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स आज 71 हजार से थोड़ा नीचे खुला था लेकिन इसके बाद यह फटाक से एक फीसदी से अधिक उछल गया और दिन के आखिरी में डेढ़ फीसदी से अधिक उछाल के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 21400 के पार खुला था और इसमें भी ऐसी ही तेजी देखने को मिली। इंट्रा-डे में सेंसेक्स आज 72 हजार और निफ्टी 21750 के पार पहुंच गया था। बैंकिंग शेयरों में शानदार तेजी और वैश्विक मार्केट से मजबूत संकेत के दम पर घरेलू मार्केट को बढ़िया सपोर्ट मिला। सेंसेक्स आज इंट्रा-डे में 1310 प्वाइंट्स और निफ्टी 411 प्वाइंट्स उछल गया था। यहां इन वजहों के बारे में बताया जा रहा है जिसके चलते मार्केट में शानदार तेजी रही।
HDFC Bank में खरीदारी ने बनाया दिया माहौल
केंद्रीय बैंक RBI ने देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी LIC को HDFC Bank में 9.9 फीसदी हिस्सेदारी रखने की मंजूरी दी है। इसका असर आज बैंक के शेयरों पर भी दिखा और शुरुआती कारोबार में ही यह 2% उछल गया। चूंकि सेंसेक्स में इसका वेटेज काफी हाई है तो इसकी तेजी ने सेंसेक्स को तगड़ा सपोर्ट दिया। एलआईसी की बात करें तो अभी एचडीएफसी बैंक में इसकी हिस्सेदारी 5.19 फीसदी है और आरबीआई ने अतिरिक्त 4.8 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दी है।
हैवीवेट शेयरों से तगड़ा सपोर्ट
सेंसेक्स पर HDFC बैंक, रिलायंस और ICICI बैंक का वेटेज सबसे अधिक है। ये शेयर आज 7% तक उछल गए। इन शेयरों की तेजी ने मार्केट को तगड़ा सपोर्ट किया जिसके दम पर सेंसेक्स फटाक से उछल गया।
Sensex-Nifty के अधिकतर शेयर ग्रीन
सेंसेक्स और निफ्टी के अधिकतर शेयर ग्रीन हैं जिसके चलते इन इंडेक्सों को सपोर्ट मिला। सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से सिर्फ 5 ही रेड जोन में हैं तो दूसरी तरफ निफ्टी 50 पर 50 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 40 शेयर ग्रीन जोन में बंद हुए हैं।
वैश्विक मार्केट से मजबूत संकेत
अमेरिकी मार्केट को छोड़ यूरोपीय और एशियाई मार्केट में मार्केट सेंटिमेंट काफी मजबूत है। इसके चलते घरेलू मार्केट सेंटिमेंट में भी माहौल बेहतर बना और सेंसेक्स और निफ्टी फटाक से उछल गए।
अमेरिका में इंफ्लेशन में लगातार नरमी ने इस बात की उम्मीद बढ़ाई है कि अमेरिकी फेड दरों में कटौती कर सकता है। इस पर फैसला बुधवार की रात तक आ सकता है। हालांकि जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार का मानना है कि रेट कटौती की कोई उम्मीद तो नहीं है लेकिन फेड के फैसले पर मार्केट की निगाहें रहेंगी।
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