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Short Call: विदेशी फंडों की खरीदारी का फायदा उठाने के लिए मुनाफावसूली कर रहे म्यूचुअल फंड्स, जानिए Chalet Hotels, Cyient और अशोक लेलैंड क्यों सुर्खियों में हैं

म्यूचुअल फंडों ने जुलाई में मुनाफावसूली की है। दरअसल, उन्होंने विदेशी फंडों की अच्छी खरीदारी का फायदा उठाने की कोशिश की है। विदेश फंडों ने जून में करीब 26,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। फिर उन्होंने जुलाई में 15,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 29, 2024 पर 10:08 AM
Short Call: विदेशी फंडों की खरीदारी का फायदा उठाने के लिए मुनाफावसूली कर रहे म्यूचुअल फंड्स, जानिए Chalet Hotels, Cyient और अशोक लेलैंड क्यों सुर्खियों में हैं
सायंट के शेयर 26 जुलाई को 5.5 फीसदी गिरकर 1,790 रुपये पर बंद हुए थे। इसकी वजह कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे हैं।

बुल्स के लिहाज से देखा जाए तो नतीजों का सीजन अच्छा रहा है। कोई चौंकाने वाली बात नहीं दिखी है। लगातार मार्केट में आ रहे निवेश को देखते हुए वैल्यूएशन के बारे में सवाल करने का कोई मतलब नहीं रह गया है। पिछले महीने तक म्यूचुअल फंड्स जमकर खरीदारी कर रहे थे। इस महीने उन्होंने अपनी खरीदारी घटाई है। लेकिन, इस गैप को विदेशी फंडों ने भरा है। जून में करीब 26,000 करोड़ रुपये की खरीदारी के बाद उन्होंने अतिरिक्त 15,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे हैं। इसके उलट में घरेलू फंडों ने जुलाई में 8,900 करोड़ रुपये से कम की खरीदारी की है। यह स्मार्ट स्ट्रेटेजी है। लोकल फंड्स इस मौके का फायदा उठा रहे हैं। वे विदेशी फंडों की खरादीरी के बीच मुनाफावसूली कर रहे हैं। बाद में वे कम कीमतों पर कैश का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इससे सही वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स तलाशने की उनकी प्रॉब्लम का समाधान होता नहीं दिख रहा।

लिक्विडिटी के सागर में तैर रहे बुल्स ग्लोबल मार्केट्स के संकेतों की अनदेखी कर रहे हैं। AI को लेकर प्रचार (Hype) घटा है और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की वैल्यूएशन में गिरावट आई है। आगे ऑटो शेयरों (Auto Stocks) की पिटाई हो सकती है, क्योंकि कोविड के बाद व्हीकल्स की जो जबर्दस्त मांग दिखी थी, वह अब खत्म हो रही है।

Chalet Hotels

शैलेट होटल्स का शेयर 26 जुलाई को 1 फीसदी चढ़कर 835 रुपये पर बंद हुआ था। कंपनी के हॉस्पिटैलिटी बिजनेस की ग्रोथ 15 फीसदी और कमर्शियल रियल्टी बिजनेस की ग्रोथ 25 फीसदी रही है। इन दोनों की वजह से आगे Chalet Hotels के शेयरों में तेजी की उम्मीद दिख रही है। ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स से समझौते और प्रमुख मेट्रो शहरों में मौजूदगी से ऑक्युपेंसी हाई रहने की उम्मीद है। एवरेज रूम रेवेन्यू भी अच्छा रहने की संभावना है। उधर, बेयर्स की दलील है कि कमजोर डिमांड, ऑक्युपेंसी ट्रेंड्स और प्लान के मुताबिक प्रोजेक्ट्स का विस्तार नहीं होने से स्टॉक की कीमतों पर असर पड़ सकता है। कंपनी गोवा और केरल में नए होटल्स बनाने का प्लान बनाया है। इस प्लान में देर होने से कमाई पर असर पड़ सकता है। इससे स्टॉक की रेटिंग घटाई जा सकती है।

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