शुक्रवार 27 अक्टूबर का दिन श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड (Shriram Finance Ltd) के लिए बेहद अच्छा साबित हुआ। कंपनी के शेयर में 13 प्रतिशत तक की तेजी आई और 52 सप्ताह का उच्च स्तर हिट हुआ। इसके पीछे अहम वजह रही सितंबर 2023 तिमाही में कंपनी की अच्छी परफॉरमेंस। इसके चलते शुक्रवार सुबह शेयर बीएसई पर बढ़त के साथ 1853.90 रुपये और एनएसई पर 1,851 रुपये पर खुला। जल्द ही शेयर ने बीएसई पर पिछले बंद भाव से करीब 10 प्रतिशत और एनएसई पर करीब 13 प्रतिशत की तेजी दर्ज करते हुए क्रमश: 1,977.40 रुपये और 2,029.70 रुपये का मार्क छुआ। ये लेवल बीएसई और एनएसई पर शेयर के 52 सप्ताह के उच्च स्तर हैं।
शेयर का 52 सप्ताह का निचला स्तर बीएसई और एनएसई दोनों पर 1,190 रुपये है। इस साल शेयर 40 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। वहीं पिछले एक साल में 56 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की है। कारोबार खत्म होने पर शेयर करीब 8 प्रतिशत की बढ़त के साथ बीएसई पर 1936 रुपये और एनएसई पर 1937.60 रुपये पर सेटल हुआ।
क्या है एक्सपर्ट्स की राय
Motilal Oswal के एनालिस्ट्स का मानना है कि Shriram Finance का अभी MSME और गोल्ड लोन जैसे प्रोडक्ट्स के लिए अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का पूरा इस्तेमाल किया जाना बाकी है। कंपनी ऐसा कर रही है, ऐसे में अगले साल MSME, PL और गोल्ड लोन की एयूएम ग्रोथ मजबूत रहने की उम्मीद है। Motilal Oswal ने श्रीराम फाइनेंस के शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग के साथ 2,325 रुपये प्रति शेयर का टार्गेट प्राइस सेट किया है। सीएलएसए को वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी छमाही अक्टूबर-मार्च में भी अच्छी एयूएम ग्रोथ की उम्मीद है। इसने 2,050 रुपये के टार्गेट प्राइस के साथ श्रीराम फाइनेंस को "आउटपरफॉर्म" रेटिंग दी है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज भी निवेशकों को श्रीराम फाइनेंस स्टॉक खरीदने की सलाह दे रही है। टार्गेट प्राइस 2,145 रुपये पर बरकरार रखा है। जेफरीज ने स्टॉक को 2,300 रुपये के बेस केस टार्गेट प्राइस और 2,590 रुपये के बुल केस टार्गेट प्राइस के साथ "बाय" रेटिंग दी है।
जुलाई-सितंबर 2023 तिमाही में श्रीराम फाइनेंस की आय सालाना आधार पर 15.4 प्रतिशत और शुद्ध मुनाफा 13 प्रतिशत बढ़ा। अब कंपनी का मुनाफा 1,751 करोड़ रुपये पर है। कंपनी की शुद्ध ब्याज आय में भी इजाफा हुआ। इसके चलते एनालिस्ट श्रीराम फाइनेंस के शेयर को लेकर पॉजिटिव हैं। शुद्ध ब्याज मार्जिन बेहतर होकर 8.93% हो गया, जो एक साल पहले 8.26% पर था। शुद्ध ब्याज मार्जिन, कंपनी को लोन पर हासिल हुई यील्ड और फंड के लिए इसके द्वारा किए गए भुगतान का अंतर होता है।