Get App

Siemens Share Price: एनर्जी बिजनेस अलग तो टूटे शेयर, बचा हुआ मुनाफा निकाल लें या होगी रिकवरी?

Siemens Share Price: सीमेन्स के बिजनेस से अलग होकर सीमेन्स एनर्जी इंडिया लिमिटेड नाम से एक नई कंपनी बनी है। यह लिस्ट भी हुई है जिसके चलते सोमवार को सीमेन्स के शेयर 50 फीसदी नीचे खुले थे। अब आज की बात करें तो इसके शेयर फिर फिसल गए। जानिए कि क्या अब इसमें आगे गिरावट दिखेगी या रिकवरी के चांसेज हैं?

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 08, 2025 पर 4:09 PM
Siemens Share Price: एनर्जी बिजनेस अलग तो टूटे शेयर, बचा हुआ मुनाफा निकाल लें या होगी रिकवरी?
Siemens Share Price: एनर्जी बिजनेस अलग होने के अगले दिन आज सीमेन्स के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। मजबूत मार्केट सेंटिमेंट में भी यह टूट गया।

Siemens Share Price: एनर्जी बिजनेस अलग होने के अगले दिन आज सीमेन्स के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। मजबूत मार्केट सेंटिमेंट में भी यह टूट गया। एक तरफ घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आज करीब डेढ़ फीसदी मजबूत हुए हैं तो दूसरी तरफ सीमेन्स के शेयर इंट्रा-डे में करीब 2 फीसदी टूट गए। हालांकि इसके बावजूद ब्रोकरेज फर्म एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का इस पर पॉजिटिव रुझान बना हुआ है। आज बीएसई पर यह 1.79 फीसदी की गिरावट के साथ 2764.40 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 2.30 फीसदी फिसलकर 2750.00 रुपये तक आ गया था।

Siemens पर क्यों है ब्रोकिंग फर्म फिदा?

एनर्जी बिजनेस के अलग होने के बाद सीमेन्स केस पास अब डिजिटल इंडस्ट्रीज (प्रोसेस और डिस्क्रीट ऑटोमेशन बिजनेस), मोबिलिटी (सिग्नलिंग, लोकोमोटिव्स), स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (मीडियम वोल्टेड स्विचगियर्, लो वोल्टेज डिवाइसेज) और लार्ज ड्राइव्स बिजेनेसेज हैं। एंटीक के मुताबिक इनमें से हर कैटेगरी में मजबूत प्रोडक्ट रेंज और टॉप-ऑफ-द-लाइन टेक्नोलॉजी के साथ सीमेन्स का दबदबा है। इसके अलावा सरकार जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है, जो सीमेन्स के लिए फायदेमंद साबित होगा।

एंटीक का कहना है कि सीमेन्स अब तक सिग्नलिंग जैसी ट्रैक सिस्टम के लिए टॉप क्लास की टेक्नोलॉजी मुहैया कराती रही है लेकिन कंपनी रेल से जुड़ी सभी इक्विपमेंट बनाने पर तेजी से काम कर रही है। हाल ही में कंपनी को देश में बड़े पैमाने पर लोकोमोटिव बनाने के लिए पहला बड़ा ऑर्डर मिला है। इसके तहत 13,200 करोड़ रुपये में 11 वर्षों में 9,000 हॉर्सपावर की क्षमता वाले 1200 इंजन बनाए जाएंगे। इसके अलावा 12,800 करोड़ रुपये में 35 वर्षों तक मेंटेनेंस होगा। एंटिक का कहना है कि कि कंपनी अब वंदे भारत के लिए भी बोली लगा रही है। ऐसे में ब्रोकिंग फर्म ने सीमेन्स की खरीदारी रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस 4336 रुपये पर फिक्स किया है जोकि मौजूदा लेवल से करीब 57 फीसदी अपसाइड है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें