जापानी इनवेस्टमेंट फर्म सॉफ्टबैंक (SoftBank) ने एक बल्क डील में लॉजिस्टिक फर्म डेल्हीवेरी (Delhivery) के 954 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इन शेयरों को 340 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचा गया है। BSE पर मौजूद आंकड़ों से ये जानकारी मिली है। जापानी फंड ने शुरुआत में डेल्हीवेरी में करीब 38 करोड़ डॉलर (3,100 करोड़ रुपये) का निवेश किया था। इसमें से उसने 7.5 करोड़ डॉलर (618 करोड़ रुपये) के शेयर आईपीओ के समय बेचे थे। दिसंबर तिमाही के अंत में सॉफ्टबैंक के पास डेल्हीवेरी की 18 फीसदी हिस्सेदारी थी।
इससे पहले फरवरी में भी डेल्हीवेरी के शेयरों में एक बल्क डील देखने को मिली थी, जब टाइगर ग्लोबल (Tiger Global) ने कंपनी के 1.2 करोड़ शेयरों को 335 रुपये के भाव पर बेचा था। इन बिक्री के साथ, सॉफ्टबैंक ने डेल्हीवेरी में अपनी हिस्सेदारी लगभग 14 प्रतिशत और टाइगर ग्लोबल में 2.98 प्रतिशत तक कम कर दी है।
हालांकि पिछले एक महीने में स्टॉक में 13 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है, लेकिन नए जमाने के तकनीकी शेयरों पर बाजार मे ओवरऑल सेंटीमेंट अभी भी नकारात्मक बना हुई है। लिस्टिंग के बाद से डेल्हीवेरी के शेयरों में 36 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।
कंपनी का घाटा बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही में खत्म हुई दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 195.7 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जो इसके पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 127 करोड़ रुपये था। कंपनी की कारोबार से आय दिसंबर तिमाही में घटकर 1,823.8 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,019 करोड़ रुपये था।
डेल्हीवेरी का पिछले बारह महीने का ऑपरेटिंग घाटा 340 करोड़ रुपये है और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 25,000 करोड़ रुपये है। इसकी तुलना में, ब्लू डार्ट का पिछले 12 महीने का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 1,030 करोड़ रुपये है, जबकि मार्केट कैप 14,700 करोड़ रुपये है।