शाह ने कहा कि जब फुल स्केल वॉर होती है तो सरकार खर्चा करती है, ग्रोथ कम होती है और महंगाई बढ़ती है। हर तरह के मार्केट पर विपरीत असर होता है। हमें 1962, 1965 या 1971 की वॉर का कोई अनुभव नहीं है। हां लेकिन हमने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान का अनुभव देखा है। शाह ने कहा कि उस वक्त मार्च महीने में जब भारत को पता चला कि कारगिल पर पाकिस्तान ने कब्जा कर लिया है तो मार्केट गिरने लगा। निफ्टी जो 1000 से ज्यादा पर था, 15 प्रतिशत नीचे आ गया था। उस वक्त भारत ने कहा कि वह LOC क्रॉस नहीं करेगा, तब लोगों को लगा कि यह वॉर लिमिटेड रहेगी। फुल स्केल नहीं होगी। तब उस माहौल में मार्केट ने बढ़ना चालू किया। 3 मई 1999 में जब जंग शुरू हुई तो मार्केट ने 8 प्रतिशत की रिकवरी कर ली। उस वक्त भारत की जीत के आसार दिख रहे थे। 3 मई 1999 से 26 जुलाई 1999 तक मार्केट लगातार बढ़ता रहा। इसके बाद जब युद्ध का अंत हुआ तो उसी एक साल में निफ्टी लगभग 20 प्रतिशत और बढ़ गया।