पिछले कुछ महीनों में फेक ट्रेडिंग वेबसाइट्स के अनजान निवेशकों को स्कैम का शिकार बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं। निवेशक जल्द प्रॉफिट कमाने के लालच में इन वेबसाइट्स के जाल में फंसते हैं। जब उनकी पूरी सेविंग्स अकाउंट से निकल जाती है तब उन्हें इस फ्रॉड का अहसास होता है। रिटायर्ड लोगों, सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के एंप्लॉयीज और यहां तक कि डिफेंस से जुड़े लोगों तक को ऐसे स्कैम का शिकार बनाया गया है। आखिर लोगों को इस स्कैम का शिकार कैसे बनाया जाता है?
