एक झटके में 17% तक भागा Sula Vineyards का शेयर, 1 साल के नए हाई पर

पिछले एक माह में सुला वाइनयार्ड्स के शेयर ने 17 प्रतिशत की तेजी देखी है। अगर शेयर 20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 665.50 रुपये पर पहुंच जाता है तो इसमें अपर सर्किट लग जाएगा। CLSA ने सुला के शेयर के लिए टार्गेट प्राइस बढ़ाकर 863 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। नया टार्गेट प्राइस शेयर के पिछले बंद भाव से करीब 42 प्रतिशत ज्यादा है। CLSA का मानना है कि शेयर में बहुत पोटेंशियल है

अपडेटेड Jan 08, 2024 पर 11:11 AM
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Sula Vineyards वाइन में 50 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी रखती है।

8 जनवरी को सुला वाइनयार्ड्स (Sula Vineyards) के शेयरों में बंपर बढ़त देखने को मिली। शेयर 17 प्रतिशत तक उछल गया और 52 सप्ताह का नया हाई ​​क्रिएट हुआ। इस शानदार तेजी के पीछे अहम वजह रही ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA की ओर से शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग देना और टार्गेट प्राइस बढ़ाया जाना। ब्रोकरेज के बुलिश रुख से 8 जनवरी को सुला वाइनयार्ड्स का शेयर बीएसई पर बढ़त के साथ 583 रुपये पर खुला। कुछ ही पलों में यह पिछले बंद भाव से करीब 17 प्रतिशत चढ़कर 52 सप्ताह के नए उच्च स्तर 648.75 रुपये पर पहंच गया। अगर शेयर 20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 665.50 रुपये पर पहुंच जाता है तो इसमें अपर सर्किट लग जाएगा।

CLSA ने सुला के शेयर के लिए टार्गेट प्राइस बढ़ाकर 863 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। पहले इसे 571 रुपये प्रति शेयर पर सेट किया गया था। नया टार्गेट प्राइस शेयर के पिछले बंद भाव से करीब 42 प्रतिशत ज्यादा है। इसका मतलब हुआ कि ब्रोकरेज को शेयर में जल्द ही 42 प्रतिशत की तेजी आने की उम्मीद है। पिछले एक माह में सुला वाइनयार्ड्स के शेयर ने 17 प्रतिशत की तेजी देखी है।

ब्रोकरेज को सुला में दिख रहा कितना दम


CLSA का मानना है कि शेयर में बहुत पोटेंशियल है। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में 5 वर्षों से अधिक समय से उत्पादित और बेची जाने वाली वाइन पर सब्सिडी बहाल कर दी है। इससे वॉल्यूम में मौके पर फोकस शिफ्ट होना चाहिए, जिससे सुला को सबसे अधिक फायदा होगा। इसकी वजह है कि कंपनी वाइन में 50 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी रखती है।

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महाराष्ट्र सरकार की वाइन इंडस्ट्रियल प्रमोशनल स्कीम के अनुसार, जिन वाइनरी ने पिछले 3 वित्तीय वर्षों (2020-21 से 2022-23) के दौरान 20 प्रतिशत वैट का भुगतान किया है, उन्हें इस अवधि के लिए टैक्स रिफंड कर दिया जाएगा। इस वित्त वर्ष से, वाइनरी को महाराष्ट्र में कुल वाइन बिक्री का 20 प्रतिशत, वैट के रूप में राज्य सरकार को भुगतान करना होगा।

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