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Suzlon Energy Shares: सुजलॉन एनर्जी के सामने नई मुसीबत, क्या यहां से गिरेगा कंपनी का शेयर? जानें

Suzlon Energy Shares: सुजलॉन एनर्जी के शेयर एक बार फिर से दबाव में है। बुधवार 27 सितंबर को कंपनी का शेयर करीब 3.5% गिरकर खुला। हुआ यह कि दिलीप सांघवी (Dilip Sanghavi) ने कंपनी के साथ अपना शेयरहोल्डिंग एग्रीमेंट तोड़ दिया है। दिलीप सांघवी सन फार्मा के मालिक है और उन्होंने 2015 में सुजलॉन एनर्जी में करीब 1,800 करोड़ रुपये लगाकर इस कंपनी को एक तरह से डूबने से बचाया था

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Sep 27, 2023 पर 8:56 PM
Suzlon Energy Shares: सुजलॉन एनर्जी के सामने नई मुसीबत, क्या यहां से गिरेगा कंपनी का शेयर? जानें
Suzlon Energy Shares: पिछले 6 महीने में सुजलॉन एनर्जी का शेयर करीब 250% भागा है

Suzlon Energy Shares: सुजलॉन एनर्जी के शेयर एक बार फिर से दबाव में है। बुधवार 27 सितंबर को कंपनी का शेयर करीब 3.5% गिरकर खुला। हुआ यह कि सुजलॉन एनर्जी के बड़े शेयरधारकों में से एक दिलीप सांघवी (Dilip Sanghavi) ने कंपनी के साथ अपना शेयरहोल्डिंग एग्रीमेंट तोड़ दिया है। दिलीप सांघवी सन फार्मा के मालिक है और उन्होंने 2015 में सुजलॉन एनर्जी में करीब 1,800 करोड़ रुपये लगाकर इस कंपनी को एक तरह से डूबने से बचाया था। अब इन्हीं दिलीप सांघवी ने कंपनी के साथ अपना शेयरहोल्डिंग एग्रीमेंट खत्म किया है। वह भी ऐसे समय में जब पिछले 6 महीने में सुजलॉन एनर्जी का शेयर करीब 250% भागा है। इस साल मार्च में सुजलॉन एनर्जी का एक शेयर 7 रुपये में मिल रहा था, जो अब बढ़कर 24 रुपये 60 पैसे पर पहुंच गए। दिलीप सांघवी की खबर सुजलॉन एनर्जी के लिए कितना बड़ा झटका हो सकती है और ब्रोकरेज इस शेयर में किस भाव पर खरीदने या बेचने की सलाह दे रहे हैं, आइए इसे जानते हैं।

एग्रीमेंट कैंसल किया, लेकिन हिस्सेदारी बनाए रखेंगे दिलीप सांघवी?

दिलीप सांघवी और उनके एसोसिएट्स ने सुजलॉन एनर्जी के साथ पहली बार 2015 में शेयरहोल्डिंग एग्रीमेंट किया था, जब उन्होंने इस कंपनी में 1,800 करोड़ रुपये लगाए थे। फिर फरवरी 2022 में उन्होंने इस एग्रीमेंट को रिवाइज किया था। अब दिलीप सांघवी ने इस एग्रीमेंट को कैंसल कर दिया है, लेकिन खास बात यह है कि वो कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को आगे भी बनाए रखेंगे। अभी उनके पास सुजलॉन एनर्जी की करीब 12.72 फीसदी हिस्सेदारी है।

दिलीप सांघवी ने बताया वह क्यों नहीं बेच रहे अपनी हिस्सेदारी?

दिलीप सांघवी अपनी हिस्सेदारी क्यों नहीं बेच रहे, अपने बयान में उन्होंने इस बात को साफ किया है। दिलीप सांघवी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार ने शुद्ध रुप से जीरो-कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को हासिल करने में विंड एनर्जी की काफी बड़ी भूमिका होगी। विंड एनर्जी के लिए विंड टर्बाइन की जरूरत होती है, जिसे बनाने में सुजलॉन एनर्जी सबसे आगे हैं। ऐसे में वह कंपनी के भविष्य को लेकर उत्साहित और इसमें अपना निवेश बनाए रखेंगे।"

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