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Tata Sons के चेयरमैन चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार पर फैसला टला, बोर्ड में एकमत नहीं; जानिए वजह

Tata Sons ने चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार पर फैसला टाल दिया है, क्योंकि बोर्ड में एकमत नहीं बन पाया। नई कंपनियों में नुकसान पर सवाल उठे, जबकि अन्य निदेशकों ने समर्थन किया। जानिए पूरी वजह और शेयरों पर असर।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Feb 24, 2026 पर 5:41 PM
Tata Sons के चेयरमैन चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार पर फैसला टला, बोर्ड में एकमत नहीं; जानिए वजह
Tata Investment Corporation का शेयर मंगलवार को एनएसई पर 2.94 प्रतिशत गिरकर 668 रुपये पर बंद हुआ।

टाटा संस (Tata Sons) ने चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार पर फैसला फिलहाल टाल दिया है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिकस Tata Trusts के चेयरमैन नोएल टाटा बोर्ड के ऐसे अकेले सदस्य थे, जिन्होंने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर सहमति नहीं दी।

बोर्ड में मतभेद क्यों?

रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ग्रुप की नई कंपनियों में बढ़ते नुकसान को लेकर चिंता जताई गई। हालांकि, अन्य निदेशकों ने चंद्रशेखरन का समर्थन किया। मतभेद सामने आने के बाद चंद्रशेखरन ने व्यापक चर्चा और सहमति के लिए निर्णय टालने का आग्रह किया।

पिछले साल टाटा ग्रुप ने चंद्रशेखरन को 2027 तक तीसरे कार्यकारी कार्यकाल की मंजूरी दी थी। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होना है, जब वह 65 वर्ष के हो जाएंगे। चंद्रशेखरन 2017 से Tata Group की होल्डिंग कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के बाद यह जिम्मेदारी दी गई थी।

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