देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के इस बार शेयरों के बायबैक (TCS Share Buyback) के लिए एस्सेप्टेंस रेश्यो 35 फीसदी है। पिछली बार की तुलना में यह रेश्यो काफी अधिक है। पिछले साल टीसीएस ने शेयरों का बायबैक किया था और उस समय एस्सेप्टेंस रेश्यो 24 फीसदी था। एस्सेप्टेंस रेश्यो शेयरों की वह संख्या है जिसे कंपनी वापस खरीदती है। इसका मतलब है कि अगर निवेशक ने 100 शेयर गिरवी रखे हैं तो टीसीएस ने इस बार करीब 35 शेयर बायबैक यानी वापस खरीद लिए। एस्सेप्टेंस रेश्यो के बारे में अपने शेयर बायबैक स्कीम के तहत टेंडर करने वाले निवेशकों ने बताया।
₹17000 करोड़ के बायबैक ऑफर में प्रमोटर्स ने भी लिया हिस्सा?
बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक टीसीएस के 17,000 करोड़ रुपये के मेगा बायबैक ऑफर को निवेशकों की जोरदार प्रतिक्रिया मिली। ओवरआल यह 6.5 गुना सब्सक्राइब हुआ था। यह बायबैक ऑफर 1 दिसंबर को खुला था और पिछले हफ्ते गुरुवार 7 दिसंबर को बंद हो गया। कंपनी की योजना 4150 रुपये के भाव पर 4.09 करोड़ शेयरों को वापस खरीदने की योजना तैयार की थी और इसे 26 करोड़ शेयरों के लिए बिड मिली। इस बायबैक में कंपनी के प्रमोटर्स टाटा संस (Tata Sons) और टाटा इनवेस्टमेंट (Tata Investment) ने भी हिस्सा लेने का संकेत दिया था। प्रमोटर्स का इरादा 2.96 करोड़ शेयरों को बिड पर रखने का था।
TCS ने पांचवी बार खरीदे अपने शेयर वापस
यह पांचवीं बार था जब कंपनी ने बायबैक किया। इससे पहले टीसीएस ने 2017 में पहला बायबैक ऑफर 16,000 करोड़ रुपये का, जून 2018 और अक्टूबर 2020 में 16,000 करोड़ रुपये के दो बायबैक और इसके बाद जनवरी 2022 में 18,000 करोड़ रुपये का बायबैक ऑफर लॉन्च किया था। इस बार बायबैक के लिए रेश्यो यानी कि शेयरहोल्डिंग में कितने शेयर टेंडर के लिए रेश्यो की बात करें तो रिकॉर्ड डेट पर छोटे शेयरहोल्डर्स के लिए छह शेयर पर एक शेयर गिरवी रखने का प्रावधान किया गया। वहीं बाकी शेयरहोल्डर्स के लिए यह 209 शेयरों पर दो शेयर था।