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लार्जकैप शेयरों में जल्द थम सकती है गिरावट, US के टैरिफ का भारत पर नहीं होगा कोई खास असर -प्रशांत जैन

प्रशांत जैन की राय है कि निवेशकों को इस समय स्टॉक्स के पिछले हाई को दिमाग से निकाल कर आज की वास्तविकताओं के मुताबिक स्टॉक के वैल्यूएशन को ध्यान में रखकर सही वैल्यूएशन वाले क्वालिटी शेयरों में ही बने रहना चाहिए। इसके अलवा दो-चार शेयरों में ही पूरा निवेश न करते हुए अपने पोर्टफोलियो को अच्छी तरह से डाइवर्सिफाइड रखें

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 28, 2025 पर 2:08 PM
लार्जकैप शेयरों में जल्द थम सकती है गिरावट, US के टैरिफ का भारत पर नहीं होगा कोई खास असर -प्रशांत जैन
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बाजार की दिशा और बजट उम्मीदों पर चर्चा करते हुए 3P Investment Managers के CIO प्रशांत जैन ने कहा कि बाजार में ये करेक्शन लंबे समय से अपेक्षित था। इसको ध्यान में रख कर पिछले 6 महीनें से निवेशकों को अलर्ट भी किया जा रहा था। स्मॉल और मिड कैप के वैल्यूएशन बहुत ज्यादा महंगे हो गए थे और ये किसी भी तरह से सस्टेनेबल नहीं थे। आईपीओ मार्केट में भी वैल्यूशन काफी ज्यादा हो गए थे। आईपीओ बाजार में भी बबल बन गया था। इतने महंगे वैल्यूएशन के बाद बाजार को कभी न कभी तो करेक्ट होना था। इस समय इसी करेक्शन का दौर चल रहा है।

निवेशकों को इस समय स्टॉक्स के पिछले हाई को दिमाग से निकाल कर आज की वास्तविकताओं के मुताबिक स्टॉक के वैल्यूएशन को ध्यान में रखकर सही वैल्यूएशन वाले क्वालिटी शेयरों में ही बने रहना चाहिए। इसके अलवा दो-चार शेयरों में ही पूरा निवेश न करते हुए अपने पोर्टफोलियो को अच्छी तरह से डाइवर्सिफाइड रखें। किसी भी लॉन्ग टर्म निवेशक के पोर्टफोलियो में लार्ज कैप की हिस्सेदारी 60-70 फीसदी होनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि आरबीआई ने सिस्टम में नकदी बढ़ाने के लिए अच्छा कदम उठाया है। लेकिन ये खास तौर पर बैंकों के लिए ही फायदेमंद होगा। बाकी मार्केट पर इसका कोई असर नहीं होगा। बजट से भी हमें ऐसी कोई अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए जिससे बाजार में कोई विशेष सुधार आएगा। बजट से बाजार को लिंक नहीं करना चाहिए।

एफआईआई की बिकवाली पर बात करते हुए प्रशांत जैन ने कहा कि जब भी डॉलर इंडेक्स मजबूत होता है तो भारत जैसे उभरते बाजारों के विदेशी फंडों की निकासी होती है। ये निकासी कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक ही चलती है। हमें एफआईआई की बिकवाली से नहीं घबराना चाहिए। एफआईआई की बिकवाली अच्छे शेयरों पर कुछ समय तक ही दबाव बना सकती है। एफआईआई की इस बिकवाली को हमें एक अच्छे मौके के रूप में देखना चाहिए।

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