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2021 में बाजार में लगातार 6वें साल रही तेजी, जानिए 2022 में कैसी रह सकती है इसकी चाल

विदेशी संस्थागत निवेशकों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो 2021 में एफआईआई ने भारत में 3.86 अरब डॉलर डालें हालांकि अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में एफआईआई की तरफ से 4.70 अरब डॉलर की बिकवाली देखने को मिली.

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 01, 2022 पर 1:19 PM
2021 में बाजार में लगातार 6वें साल रही तेजी, जानिए 2022 में कैसी रह सकती है इसकी चाल
जनवरी से नवबंर 2021 की अवधि में 2.74 करोड़ डीमैट अकाउंट खुले है। इसके विपरीत पूरे 2020 में इस 1.05 करोड़ डीमैट अकाउंट खुले थे।

भारतीय शेयर बाजार में 2021 में लगातार छठे साल बढ़त देखने को मिली है लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ती महंगाई, मौद्रिक नीतियों में लौटती कड़ाई और कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन की वजह से 2022 में बाजार पर दबाव देखने को मिल सकता है और नए साल में हमें उतार-चढ़ाव नजर आ सकता है।

सेसेंक्स-निफ्टी अपने अक्टूबर के हाई से करीब 10 फीसदी फिसल चुके हैं। जानकारों का कहना है कि करेंट वैल्यूएशन महंगा होने की वजह से आगे बाजार के सेंटिमेंट पर दबाव कायम रह सकता है। कोरोना के नए वैरिएंट ने बाजार पर अनिश्चितता के बादल ला दिए हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि शॉर्ट टर्म में भारत में कोरोना की तीसरी लहर के आशंका के बीच बाजार वोलेटाइल रह सकता है लेकिन लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार, अच्छी इकोनॉमिक आंकड़ों और यूनियन बजट के एलानों से बाजार में कुछ पॉजिटीव सरप्राइस देखने को भी मिल सकते हैं।

HDFC Securities के धीरज रेली (Dhiraj Relli) का कहना है कि भारतीय इक्विटी बाजार के सामने इस समय तमाम चुनौतियां नजर आ रही हैं। इनमें अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, तमाम राज्यों में होने वाले चुनाव, कोरोना की तीसरी संभावित लहर, घरेलू ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना, महंगा वैल्यूएशन जैसी चुनौतियां शामिल हैं।

इन तमाम चुनौतियों के बावजूद सेसेंक्स-निफ्टी में क्रमश: 22 फीसदी और 24 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। बता दें कि इसके पहले बाजार के लिहाज से सबसे बेहतर साल 2017 रहा था। जिसमें सेसेंक्स -निफ्टी में 28 फीसदी की तेजी देखने को मिली थी।

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