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यह दिसंबर 28 साल में सबसे ठंडा, Sensex और Nifty 4 फीसदी से ज्यादा फिसले

दिसंबर में शेयर बाजारों पर कई बातों का असर पड़ा। इनमें ग्लोबल मार्केट पर मंदी का बढ़ता खतरा, इंटरेस्ट रेट में वृद्धि और कोरोना के बढ़ते मामलों का असर शामिल है। हालांकि, इस साल दुनियाभर के बाजारों में इंडियन मार्केट्स का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 26, 2022 पर 10:50 PM
यह दिसंबर 28 साल में सबसे ठंडा, Sensex और Nifty 4 फीसदी से ज्यादा फिसले
वैश्विक बाजारों के लिए साल 2022 बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहा है। फरवरी में यूक्रेन पर रूस का हमला, कमोडिटी प्राइसेज में उछाल और चीन में लॉकडाउन का असर मार्केट्स पर पड़ा।

स्टॉक मार्केट्स (Stock Markets) के लिए यह दिसंबर 28 साल में सबसे ठंडा रहा है। Sensex और Nifty में इस महीने 4 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। दुनिया में कोरोना के बढ़ते मामले, केंद्रीय बैंकों के इंटरेस्ट रेट्स और बढ़ाने का अनुमान और ग्लोबल इकोनॉमी पर मंदी के बढ़ते खतरे का असर स्टॉक मार्केट्स पर पड़ा है। दिसंबर में अब तक सेंसेक्स 2,760 अंक यानी 4.37 फीसदी गिरा है, जबकि Nifty 860 अंक यानी 4.32 फीसदी टूटा है। इससे पहले 1994 में सेंसेक्स में 4.8 फीसदी और Nifty में 5.1 फीसदी की गिरावट आई थी। इससे पहले 2018 में सेंसेक्स और निफ्टी का रिटर्न निगेटिव रहा था। 2021 में दोनों सूचकांकों में करीब 2.1 फीसदी उछाल आया था, जबकि 2020 में ये 8 फीसदी से ज्यादा चढ़े थे। साल 2022 का आखिरी महीना शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बहुत अच्छा रहने के आसार नहीं है। साल 2022 का यह आखिरी हफ्ता चल रहा है। निफ्टी में भी 200 अंक से ज्यादा की तेजी दिखी।

स्टॉक मार्केट्स पर पड़ा इन बातों का असर

दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी में मजबूती आने के संकेत हैं। इसके बावजूद स्टॉक मार्केट्स में कमजोरी का रुख है। अमेरिकी बाजार का असर, दुनियाभर के बाजारों पर पड़ता है। अमेरिकी इकोनॉमी की ग्रोथ तीसरी तिमाही में 3.2 फीसदी रही है। इनफ्लेशन में भी कमी आई है। हालांकि, यह अब भी फेडरल रिजर्व के टारगेट से ज्यादा है। ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का सिलसिला जारी रखेगा।

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