भारत में शेयर बाज़ारों में पिछले दो महीनों से मंदी देखने को मिल रही है। दूसरी तिमाही के नतीजों में कमजोरी, डॉलर इंडेक्स में उछाल और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के कारण बाजार में कमजोरी आई है। 27 सितंबर को शिखर पर पहुंचने के बाद से कई सेक्टरों में तेज गिरावट देखने को मिली है। तब से अब तक बाजार 10 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है।
