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नहीं सस्ती होंगी टेस्ला की कारें! भारत-अमेरिका ट्रेड डील से इलेक्ट्रिक कारें बाहर, एलॉन मस्क को झटका

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए नए ट्रेड पैक्ट से जहां लग्जरी कारों और हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों को बड़ी राहत मिली है। वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों को इस समझौते से बाहर रखे जाने के फैसले ने टेस्ला (Tesla) के लिए भारत में राह और मुश्किल बना दी है। लंबे समय से इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की पैरवी कर रहे टेस्ला के सीईओ एलॉन मस्क (Elon Musk) को इस फैसले से बड़ा झटका लगा माना जा रहा है

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Feb 09, 2026 पर 8:10 PM
नहीं सस्ती होंगी टेस्ला की कारें! भारत-अमेरिका ट्रेड डील से इलेक्ट्रिक कारें बाहर, एलॉन मस्क को झटका
India-US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को भारत–अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील का ऐलान किया था

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए नए ट्रेड पैक्ट से जहां लग्जरी कारों और हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों को बड़ी राहत मिली है। वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों को इस समझौते से बाहर रखे जाने के फैसले ने टेस्ला (Tesla) के लिए भारत में राह और मुश्किल बना दी है। लंबे समय से इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की पैरवी कर रहे टेस्ला के सीईओ एलॉन मस्क (Elon Musk) को इस फैसले से बड़ा झटका लगा माना जा रहा है।

रॉयटर्स की 7 फरवरी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम ट्रेड समझौते के तहत भारत ने अमेरिका से आने वाली हाई-एंड कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी को 110 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा हार्ले-डेविडसन की मोटरसाइकिलों पर लगने वाला इंपोर्ट ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। हालांकि, इस समझौते में इलेक्ट्रिक वाहनों को कोई रियायत नहीं दी गई है। इससे भारत के मार्केट में टेस्ला के विस्तार की उम्मीदों को झटका लगा है, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पैसेंजर व्हीकल मार्केट हैं।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को भारत–अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील का ऐलान किया था। महीनों की बातचीत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा के बाद घोषित इस समझौते में अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया था। इसके बदले भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद रोकने पर सहमति दी थी।

रॉयटर्स के हवाले से एक अधिकारी ने बताया कि पेट्रोल-डीजल इंजन वाले और 3,000 सीसी से अधिक क्षमता वाले कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी को अगले 10 सालों में धीरे-धीरे घटाकर 30 प्रतिशत किया जाएगा। लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। इसका मतलब यह है कि टेस्ला को भारत में कम टैरिफ के जरिए प्रवेश का रास्ता फिलहाल बंद ही रहेगा। यह फैसला एलॉन मस्क की उस प्रमुख मांग को दरकिनार करता है, जिसमें वे भारत में ऊंचे इंपोर्ट ड्यूटी की लगातार आलोचना करते रहे हैं।

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