अमेरिका की छवि दूसरे देशों से अलग रही है। इसे प्रतिद्वंद्वी देशों के मुकाबले ताकतवर माना जाता रहा है। इस वजह से यह दुनिया का नेतृत्व करता रहा है। लेकिन, अब ज्यादातर एक्सपर्ट्स की धारणा अमेरिका को लेकर बदल रही है। राजनीतिक, कूटनीतिक और सामरिक मामलों में अमेरिका के सुपरपावर दर्जे को अब संदेह की नजरों से देखा जा रहा है। लेकिन, इनवेस्टमेंट की दुनिया में आज पहले से ज्यादा अट्रैक्टिव दिख रहा है।
