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Index Fund के मुकाबले एक्टिविली मैनेज्ड फंडों का रिटर्न बेहतर रहेगा, जानिए धीरेंद्र कुमार ने क्यों कही यह बात

कुमार ने कहा कि इंडेक्स फंड्स में ज्यादा निवेश आने से सूचकांक चढ़ रहे हैं। सूचकांकों में तेजी से इनवेस्टमेंट और बढ़ रहा है। हर महीने इंडेक्स फंड में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। इसका मतलब है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली की स्थिति में भी बाजार नहीं गिरेगा। इंडेक्स मेकर्स को रेगुलेट करने की जरूरत है, क्योंकि यह बिजनेस अब सीरियस हो रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 14, 2023 पर 11:32 AM
Index Fund के मुकाबले एक्टिविली मैनेज्ड फंडों का रिटर्न बेहतर रहेगा, जानिए धीरेंद्र कुमार ने क्यों कही यह बात
कुमार ने बताया कि EPFO का पैसा इंडेक्स फंड्स में जा रहा है। अभी इंडेक्स फंड्स में सिर्फ ईपीएफओ का निवेश करीब 3.2 लाख करोड़ है। करीब 5-6 साल पहले म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल इक्विटी एसेट्स करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये था।

पैसिवली मैनेज्ड फंड्स में काफी निवेश आ रहा है। इंडेक्स फंड्स और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) पैसिवली मैनेज्ड फंड्स के उदाहरण हैं। इनमें पिछले एक साल में काफी पैसे आए हैं। इसकी वजह इन फंडों को लेकर निवेशकों की धारणा है। पहला, उन्हें लगता है कि इंडेक्स फंड में निवेश करने में रिस्क कम है। दूसरा, एक्टिवली मैनेज्ड फंड्स का रिटर्न कभी मार्केट से ज्यादा नहीं रहता है। Value Research के सीईओ धीरेंद्र कुमार का कहना है कि निवेशकों की दोनों ही धारणाएं गलत हैं। उन्होंने कहा कि इंडेक्स फंड्स उतने ही रिस्की हैं, जितने एक्टिविली मैनेज्ड फंड और कई एक्टिविली मैनेज्ड फंडों ने बेंचमार्क से ज्यादा रिटर्न दिए है। कुमार ने मनीकंट्रोल से बातचीत में म्यूचुअल फंड इनवेस्टमेंट से जुड़े कई मसलों पर व्यापक चर्चा की।

ज्यादा निवेश से सूचकांकों में उछाल

कुमार ने कहा कि इंडेक्स फंड्स में ज्यादा निवेश आने से सूचकांक चढ़ रहे हैं। सूचकांकों में तेजी से इनवेस्टमेंट और बढ़ रहा है। हर महीने इंडेक्स फंड में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। इसका मतलब है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली की स्थिति में भी बाजार नहीं गिरेगा। इंडेक्स मेकर्स को रेगुलेट करने की जरूरत है, क्योंकि यह बिजनेस अब सीरियस हो रहा है। अब उन्हें एक मेथडोलॉजी तैयार करनी होगी। उसके बारे में विस्तार से बताना होगा। उन्हें अपनी मेथडलॉजी के आधार के बारे में भी बताना होगा।

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