Vedanta News: अनिल अग्रवाल की मेटल और माइनिंग कंपनी वेदांता (Vedanta) नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) को जारी कर 3400 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसे कंपनी की मंजूरी मिल चुकी है। एक्सचेंज फाइलिंग में मुहैया कराई की गई जानकारी के मुताबिक कंपनी की योजना 1 लाख रुपये की फेस वैल्यू वाले 3.4 लाख NCD जारी करने की है। यह नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर सिक्योर्ड, अनरेटेड, अनलिस्टेड और रिडीमेबल होगा। इसे एक या एक से अधिक किश्तों में जारी किया जा सकता है। नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स होते हैं जिन्हें एक खास अवधि ौर ब्याज दर पर जारी किया जाता है। इसे शेयरों में नहीं बदला जा सकता है और कंपनियां इसे इसलिए जारी करती हैं क्योंकि बिना अपनी हिस्सेदारी हल्की किए इसके जरिए फंड जुटाया जा सकता है।
एक दिन पहले डिविडेंड का किया था ऐलान
वेदांता ने आज NCD के जरिए फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी की जानकारी दी है। एक दिन पहले इसने वित्त वर्ष 2023-24 के दूसरे अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी की जानकारी दी थी। कंपनी 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 11 रुपये का अंतरिम डिविडेंड बांटेगी। इस पर कंपनी 4089 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सितंबर तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक वेदांता पीएलसी की इसमें 63.71 फीसदी हिस्सेदारी है और इसे 2065 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिलेगा। वेदांता सिर्फ डिविडेंड ही नहीं बांटेगी बल्कि इसे डिविडेंड मिलेगा भी क्योंकि इसकी सब्सिडियरी हिंदुस्तान जिंक में 64.92 फीसदी हिस्सेदारी है और इससे वेदांता को 1645 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिलेगा।
अहम मौके पर लिया Vedanta ने लिया फैसला
वेदांता ने डिविडेंड और फंड जुटाने का फैसला ऐसे समय में लिया है जब इसकी कर्ज चुकाने की डेडलाइन करीब आ गई है। कंपनी को 100 करोड़ डॉलर का कर्ज जनवरी 2024 में चुकाना है। पिछले हफ्ते वेदांता की पैरेंट कंपनी नई क्रेडिट फैसिलिटी के साथ-साथ 125 करोड़ डॉलर की रीफाइनेंसिंग फैसिलिटी के लिए एग्रीमेंट किया था। हालांकि कंपनी ने यह खुलासा नहीं किया कि यह एग्रीमेंट किसके साथ हुआ है।