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Vodafone Idea share : वोडाफोन आइडिया पर आई बड़ी खबर, कंपनी 6 सर्किलों में नहीं करेगी स्पेक्ट्रम रिन्यूअल -सूत्र

Vodafone Idea share : अपने बड़े प्रतिद्वंद्वियों रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के विपरीत जिन्होंने 5G रोल-आउट का काम काफी हद तक पूरा कर लिया है,Vi अब अपने सबसे बड़े इन्वेस्टमेंट साइकल में कदम रख रही है,जिससे उस पर ज्यादा लागत का बोझ पड़ने का जोखिम है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jul 27, 2026 पर 1:34 PM
Vodafone Idea share : वोडाफोन आइडिया पर आई बड़ी खबर, कंपनी 6 सर्किलों में नहीं करेगी स्पेक्ट्रम रिन्यूअल -सूत्र
Vodafone Idea share : जानकारों का कहना है कि AI-पावर्ड चिप और कंपोनेंट की बढ़ती कीमतों की वजह से भारतीय टेलीकॉम कंपनियों के लिए इक्विपमेंट की लागत बढ़ने वाली है। इसमें वोडाफोन आइडिया (Vi) पर सबसे ज़्यादा असर पड़ने की आशंका है

Vodafone Idea share : वोडाफोन आइडिया से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है। सीएनबीसी-आवाज़ को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक दिसंबर में वोडाफोन की 6 सर्किल में स्पेक्ट्रम वैलिडिटी खत्म होगी। 5 दिसंबर वैलिडिटी की आखिरी तारीख है। कंपनी स्पेक्ट्रम री-न्यू नहीं करेगी इस एक्सक्लूसिव खबर पर ज्यादा डिटेल्स के साथ सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता असीम मनचंदा ने बताया कि VI की 6 सर्किल में स्पेक्ट्रम वैलिडिटी खत्म होने वाली है। दिसंबर में 6 सर्किल में स्पेक्ट्रम वैलिडिटी खत्म होगी। 5 दिसंबर के करीब 40 MHz स्पेक्ट्रम की वैलिडिटी समाप्त होगी। इसमें 900 MHz और 1800 MHz बैंड का स्पेक्ट्रम शामिल है।

यह वैलिडिटी खत्म होने से मुंबई,बिहार,ओडिशा,आंध्र प्रदेश,असम और J&K सर्किल पर असर होगा। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक कंपनी स्पेक्ट्रम री-न्यू नहीं करेगी। इससे उसको 5,500–6,000 करोड़ रुपए की बचत संभव है। कंपनी का कहना है कि इससे ग्राहकों की सेवाओं पर कोई असर नहीं होगा। कंपनी के पास पर्याप्त 5G स्पेक्ट्रम उपलब्ध हैं। इस पर कंपनी ने अभी तक CNBC-आवाज़ के सवालों का जवाब नहीं दिया है।

इस बीच जानकारों का कहना है कि AI-पावर्ड चिप और कंपोनेंट की बढ़ती कीमतों की वजह से भारतीय टेलीकॉम कंपनियों के लिए इक्विपमेंट की लागत बढ़ने वाली है। इसमें वोडाफोन आइडिया (Vi) पर सबसे ज़्यादा असर पड़ने की आशंका है,क्योंकि कंपनी अब बड़े निवेश वाली 5G सर्विस शुरू करने जा रही है। वोडाफोन आइडिया के लिए यह समय मुश्किल भरा है,क्योंकि कंपनी एरिक्सन,नोकिया और सैमसंग को कॉन्ट्रैक्ट देने के बाद अब 5G रोल-आउट कर रही है।

अपने बड़े प्रतिद्वंद्वियों रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के विपरीत जिन्होंने 5G रोल-आउट का काम काफी हद तक पूरा कर लिया है,Vi अब अपने सबसे बड़े इन्वेस्टमेंट साइकल में कदम रख रही है,जिससे उस पर ज्यादा लागत का बोझ पड़ने का जोखिम है। शायद इसी बात को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने बचत करने के लिए कंपनी ने स्पेक्ट्रम री-न्यू नहीं करने का फैसला लिया है।

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