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क्या आपको Wipro और Welspun के बायबैक में हिस्सा लेना चाहिए?

कंपनियां कई वजह से बायबैक प्रोग्राम का ऐलान करती हैं। इसका एक मकसद अपने शेयरधारकों को कंपनी के कैश का एक हिस्सा लौटाना होता है। बायबैक प्रोग्राम में पार्टिसिपेट करने से पहले निवेशक को ठीक तरह से सोच और विचार कर लेना चाहिए

MoneyControl Newsअपडेटेड May 02, 2023 पर 4:52 PM
क्या आपको Wipro और Welspun के बायबैक में हिस्सा लेना चाहिए?
बायबैक की वजह से आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या घट जाती है। इससे अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) जैसे कंपनी के फाइनेंशियल रेशियो बढ़ जाते हैं।

Wipro ने 27 अप्रैल को 12,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक का ऐलान किया। टेक्सटाइल्स कंपनी Welspun India ने 195 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक का ऐलान किया है। विप्रो प्रति शेयर 445 रुपये की दर से 26.97 करोड़ शेयरों का बायबैक करेगी। वेलस्पन प्रति शेयर 120 रुपये की दर से 1.63 करोड़ शेयर बायबैक करेगी। दोनों कंपनियां अपने शेयरों के ट्रेडिंग प्राइस से क्रमश: 19 फीसदी और 40 फीसदी ज्यादा कीमत पर बायबैक कर रही हैं। दोनों कंपनियों ने बायबैक पीरियड और दूसरे डिटेल्स के बारे में नहीं बताया है। आइए जानते हैं क्या है बायबैक और निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है।

शेयर बायबैक का मतलब क्या है?

कोई कंपनी जब अपने शेयरहोल्डर्स से उनके शेयर वापस खरीद लेती है तो इसे बायबैक कहते हैं। आम तौर पर वह बाजार में चल रही शेयर की कीमत के मुकाबले ज्यादा कीमत पर अपने शेयर शेयरधारकों से खरीदती है। इससे उन कंपनियों को अपना सरप्लस कैश अपने शेयरधारकों को रिटर्न करने का मौका मिलता है, जिनके पास काफी कैश है। इससे प्रमोटरों को भी काफी फायदा होता है।

बायबैक का क्या असर पड़ता है?

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