Stock Market Strategy: ईरान और अमेरिका की लड़ाई (Iran-US War) में झुलसे स्ट़ॉक मार्केट में सीजफायर के ऐलान पर रिकवरी लौटी। मार्केट में मजबूत रिकवरी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, लेकिन प्राइम सिक्योरिटीज के ग्रुप सीईओ और एमडी एन जयकुमार का मानना है कि अब आगे चौतरफा रैली की उम्मीद नहीं की जा सकती है। उनका मानना है कि हाल-फिलहाल की गिरावट का सबसे खराब दौर अब खत्म हो चुका है, लेकिन आगे की बढ़त सीमित और चुनिंदा हो सकती है। उनका कहना है कि वैश्विक तनाव के हल्के होने और सीजनल फैक्टर्स के चलते मार्केट में तेजी लौटी है जिसने तेज गिरावट के बाद राहत दी है लेकिन यह उछाल अस्थायी भी नहीं है यानी कि आगे मार्केट अच्छा परफॉर्म कर सकता है।
मार्केट में अब क्या है रिस्क?
जयकुमार को मार्केट में आने वाला समय शानदार दिख रहा है लेकिन उन्होंने कच्चे तेल के बढ़े हुए दाम को लेकर सतर्क भी किया है। उनका मानना है कि तेल की ऊंची कीमतें बाजार पर दबाव डाल सकती हैं और सेंसेक्स-निफ्टी की तेजी को सीमित कर सकती हैं। ऐसे में उन्होंने इंडेक्स की बजाय स्टॉक्स पर फोकस करने को कहा है। जयकुमार का मानना है कि बाजार अब फिर से फंडामेंटल्स वाले चरण में जा रहा है, जहाँ रिटर्न पूरे बाजार की तेजी पर नहीं बल्कि अलग-अलग सेक्टर और कंपनियों पर निर्भर करेगा। उनका मानना है कि सेंसेक्स-निफ्टी सीमित रेंज में ऊपर-नीचे हो सकते हैं तो नियर टर्म में नए हाई की संभावना कम ही है।
सेक्टरवाइज बात करें तो जयकुमार ने टेक सेक्टर को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ग्रोथ सुस्त हो रही है और एआई के कारण स्ट्रक्चरल बदलाव आ रहे हैं। जयकुमार के मुताबिक टेक सेक्टर का वैल्यूएशन काफी गिर चुका है लेकिन अब कंपनियों को हाई ग्रोथ की बजाय कैश फ्लो के आधार पर देखा जा रहा है। फिलहाल उन्होंने इस सेक्टर से बचने की सलाह दी।
जयकुमार का मानना है कि फार्मा सेक्टर में निवेश का इस समय अच्छा मौका है, खासतौर से निर्यात करने वाली जेनेरिक कंपनियों में। जयकुमार के मुताबिक इसमें अर्निंग्स ग्रोथ उम्मीद से बेहतर हो सकती है। जयकुमार का मानना है कि समय के साथ सेंसेक्स-निफ्टी में फार्मा का वजन बढ़ेगा। जयकुमार को फार्मा के अलावा मेटल सेक्टर में भी मौका दिख रहा है, जैसे कि स्टील और एलुमिनियम कंपनियों पर। अधिक तेजी अगर नहीं आती है तो भी लगातार बेहतर रिटर्न की गुंजाइश है। इसे प्राइसिंग पावर और बेहतर वैश्विक रुझानों से सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि उन्होंने सतर्क किया है कि कमोडिटी की ऊंची कीमतें डिमांड सुस्त कर सकती है लेकिन ऊंची कीमतें वॉल्यूम की कमी को कुछ हद तक संतुलित कर सकती हैं।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।