1988 में अहमदाबाद के सोमपुरा परिवार ने राम मंदिर का मूल डिजाइन तैयार किया गया था। सोमपुरा परिवार 15 पीढ़ियों से मंदिर के डिजाइन का काम कर रहा है।
इस परिवार ने राम मंदिर के मूल डिजाइन में कुछ बदलावों करके साल 2020 में इसे फिर से तैयार किया। सोमपुरा परिवार ने राम मंदिर को 'नागरा' शैली की वास्तुकला पर बनाया है।
अयोध्या में बन रहे इस भव्य मंदिर की लंबाई 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है। यह मंदिर तीन मंजिला होगा और हर एक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट होगी। इसमें कुल 392 खंभे और 44 द्वार होंगे।
मंदिर में पांच मंडप होंगे जिसमें नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप होंगे।
राम मंदिर में लगे खंभों और दीवारों में देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां उकेरी गई हैं। मंदिर के चारों ओर बड़ी-बड़ी दीवारें होंगी। इन दिवारों के चारों कोनों पर सूर्यदेव,मां भगवती,गणपति और भगवान शिव के मंदिर बनाए जाएंगे।
इसके अलावा मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, माता शबरी और ऋषि पत्नी देवी अहिल्या के भी मंदिर बनाए जाएंगे।
यहां जटायु की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। खास बात यह है कि इस भव्य मंदिर के निर्माण में लोहे का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं किया गया है।