CAA के जरिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से उत्पीड़न का शिकार होकर भारत में शरण लेने वाले हिंदू, जैन, बौद्ध और सिख धर्म के लोगों को नागरिकता दी जाएगी। इस नियम के तहत 31 दिसंबर 2014 तक इन तीन पड़ोसी मुल्कों से उत्पीड़न का शिकार होकर आए लोगों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा था कि लोकसभा चुनाव से पहले देश में CAA के नियम लागू हो सकते हैं
अपडेटेड Feb 27, 2024 पर 09:11 PM