कर्पूरी ठाकुर आजाद भारत की राजनीति के पहले नेता थे जिन्होंने संवैधानिक आरक्षण की मूल भावना से एक कदम आगे जाकर गरीब पिछड़ों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया था। नई उम्र के लोगों को यह सोचकर भी हैरानी होगी कि कर्पूरी ठाकुर ने 1978 में गरीब सवर्णों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया था
अपडेटेड Jun 06, 2025 पर 08:30 AM