जल्द ही ऐसी गाड़ी आने वाली है जो पौधों से निकलने वाले फ्यूल से चलेगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जल्द ही टोयोटा इनोवा (Toyota Innova) का ऐसा वर्जन पेश करने वाले हैं जो पूरी तरह से एथेनॉल पर चलेगा। एथेनॉल पौधों से निकलने वाला फ्यूल है। केंद्रीय मंत्री की योजना इस कार को 29 अगस्त को पेश करेंगे। वह कंपनियों को ऐसी कार बनाने को प्रोत्साहित कर रहे हैं जिसमें पेट्रोल-डीजल की बजाय किसी और फ्यूल का इस्तेमाल हो और इको-फ्रेंडली हो। इससे पहले केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने टोयोटा मिराई (Toyota Mirai) लॉन्च किया था जो पूरी तरह हाइड्रोजन से बनने वाली इलेक्ट्रिसिटी से चलती है।
E10 से E100 का सुपर स्पीड से सफर
सस्टेनिबिलिटी पर आयोजित एक मीडिया इवेंट में केंद्रीय मंत्री ने खुलासा किया कि 29 अगस्त को वह इलेक्ट्रिक फ्लेक्स-फ्यूल टोयोटा इनोवा एमपीवी लॉन्च करेंगे। यह 100 फीसदी एथेनॉल यानी E100 से चलेगी। देश के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी जो बहुत कम समय में ही E10 से E100 कारों को पेश करेगा। भारत ने पिछले साल जून 2022 में पेट्रोल में 10 फीसदी के औसतन ब्लेंडिंग रेट को हासिल कर लिया था। टोयोटा के मुताबिक यह दुनिया का पहला बीएस-6 (स्टेज-2) इलेक्ट्रिफाईड फ्लेक्स-फ्यूल वेईकल होगा।
महंगे पेट्रोल के चलते बॉयोफ्यूल में बढ़ी दिलचस्पी
नितिन गडकरी का कहना है कि महंगे पेट्रोल के चलते 2004 में उनकी दिलचस्पी बॉयोफ्यूल में बढ़ी। इसे लेकर अधिक जुटाने के लिए वह ब्राजील गए। केंद्रीय मंत्री का मानना है कि बॉयोफ्यूल में बहुत संभावनाएं हैं और इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार की भी काफी बचत होगी जिसका एक बड़ा हिस्सा अभी तेल के आयात पर खर्च होता है। अभी आयात खर्च करीब 16 लाख करोड़ रुपये का है जिससे भारी इकनॉमिक लॉस होता है। अब बॉयोफ्यूल के चलते अगर तेल आयात पर निर्भरता कम होगी तो भारत आत्मनिर्भर होगा।
और क्या कहा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने
इस मौके पर केंद्रीय गडकरी ने कहा कि 65 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं इस साल के आखिरी तक पूरी होने की संभावनाएं हैं। इसमें द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण भी शामिल है। उन्होंने रासायनिक खादों और कीटनाशकों के खतरे को लेकर आगाह भी किया। उन्होंने कहा कि इनके इस्तेमाल से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और इसकी बजाय किसानों को ऑर्गेनिक फॉर्मिंग को अपनाना चाहिए।