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ट्रैकिंग डिसेबल करने के बावजूद पर्सनल डेटा इकट्ठा करने के मामले में Google को राहत नहीं, करना पड़ेगा मुकदमे का सामना

Google पर आरोप लगाया गया कि स्मार्टफोन यूजर्स की ओर से प्राइवेसी सेटिंग में लोकेशन ट्रैकिंग सेटिंग को बंद कर दिए जाने के बावजूद गूगल, यूजर्स का लोकेशन डेटा कलेक्ट कर रही है। कंपनी का कहना है कि आरोप हमारे प्रोडक्ट्स के काम करने के तरीके को गलत तरीके से पेश करने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jan 10, 2025 पर 8:41 PM
ट्रैकिंग डिसेबल करने के बावजूद पर्सनल डेटा इकट्ठा करने के मामले में Google को राहत नहीं, करना पड़ेगा मुकदमे का सामना

यूजर्स का पर्सनल डेटा इकट्ठा करने के एक मामले में मोबाइल फोन प्राइवेसी क्लास एक्शन पर टेक कंपनी गूगल (Google) को मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। गूगल अमेरिका में एक फेडरल जज को प्राइवेसी क्लास एक्शन को खारिज करने के लिए राजी करने में विफल रही है। यूजर्स द्वारा स्मार्टफोन में ट्रैकिंग सेटिंग डिसेबल करने के बावजूद गूगल द्वारा पर्सनल डेटा इकट्ठा करने के दावों के बाद यह प्राइवेसी क्लास एक्शन लिया गया।

जूरी ट्रायल 18 अगस्त, 2025 के लिए निर्धारित है। रॉयटर्स के अनुसार, सैन फ्रांसिस्को में फेडरल कोर्ट के चीफ जज रिचर्ड सीबॉर्ग ने उन तर्कों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया कि गूगल ने यूजर्स द्वारा ट्रैकिंग के लिए रजामंदी देने के बाद पर्याप्त रूप से खुलासा किया है कि उसकी वेब और ऐप एक्टिविटी सेटिंग कैसे काम करती है।

पहली बार 2020 में दायर हुआ था मुकदमा

मुकदमा 2020 में दायर किया गया था। Google पर आरोप लगाया गया कि स्मार्टफोन यूजर्स की ओर से प्राइवेसी सेटिंग में लोकेशन ट्रैकिंग सेटिंग को बंद कर दिए जाने के बावजूद गूगल, यूजर्स का लोकेशन डेटा कलेक्ट कर रही है। जब एंड्रॉयड और नॉन-एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइस यूजर्स ने Google पर उनकी प्राइवेसी का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था तो कंपनी ने यह भी तर्क दिया था कि यह तरीका एक बुनियादी रिकॉर्ड रखने की तकनीक है।

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