भारत से पंगा लेना राष्ट्रपति मुइज्जू को पड़ सकता है भारी, मालदीव में विपक्ष की अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी

India-Maldives Row: मालदीव के पूर्व खेल मंत्री अहमद महलूफ ने भी कहा है कि भारत के बायकॉट का मालदीव की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा। मुझे चिंता है कि हमें नुकसान से उभर पाना काफी मुश्किल होगा। इसके अलावा मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी ने कहा कि यह राष्ट्रपति मुइज्जू के प्रशासन नाकामी है

अपडेटेड Jan 09, 2024 पर 12:57 PM
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India-Maldives Row: मालदीव ने इस महीने के अंत में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत यात्रा का प्रस्ताव रखा है

India-Maldives Row: भारत से पंगा लेने के बाद मालदीव की नई सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मालदीव के कई विपक्षी नेताओं ने भारत विरोधी टिप्पणियों के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Mohamed Muizzu) की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर ली। भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुइज्जू के मंत्रियों की तरफ से विवादित टिप्पणी करना मालदीव को भारी पड़ता नजर आ रहा है। भारत की कड़ी आपत्ति के बाद मालदीव ने पीएम मोदी के खिलाफ विवादित बयान देने वाले तीन मंत्रियों को निलंबित कर दिया है। हालांकि, इसके बावजूद दोनों देशों के बीच विवाद थमता नहीं दिख रहा है।

भारत विरोधी मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू अपने ही घर में घिरते नजर आ रहे हैं। विपक्ष उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। मालदीव में संसदीय अल्पसंख्यक नेता अली अजीम ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के बाद अविश्वास प्रस्ताव सहित मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को हटाने के लिए अभियान तेज कर दिया। इसके लिए उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है।

'द डेमोक्रेट' पार्टी के सांसद अली ने X पर लिखा, 'हम, द डेमोक्रेट देश की फॉरेन पॉलिसी की स्थिरता को बनाए रखने और किसी भी पड़ोसी देश को अलग-थलग करने से रोकने के लिए समर्पित हैं। क्या आप राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को सत्ता से हटान के लिए सभी आवश्क कदम उठाने को तैयार हैं। क्या मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) एक अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तैयार हैं?'


MDP पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की पार्टी है। मुइज्जू से पहले सोलिह मालदीव के राष्ट्रपति थे। दूसरी तरफ, मालदीव के पूर्व खेल मंत्री अहमद महलूफ ने भी कहा है कि भारत के बायकॉट का मालदीव की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा। मुझे चिंता है कि हमें नुकसान से उभर पाना काफी मुश्किल होगा। इसके अलावा मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी ने कहा कि यह राष्ट्रपति मुइज्जू के प्रशासन नाकामी है।

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उन्होंने कहा हम एक छोटे देश हैं। हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि हमारी सीमाएं भारत के साथ लगती हैं। मरिया ने न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि हमारी सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं समान हैं। भारत ने हमेशा हमारी मदद की है। चाहे रक्षा क्षेत्र हो या हमें टेक्नोलॉजी मुहैया कराने की बात भारत ने हमें अधिक सक्षम बनाने की कोशिश में हमारी मदद की है। मरिया ने कहा कि ये भारत 911 की कॉल की तरह है। जब भी हम मुसीबत में पड़े वो हमारी मदद के लिए आगे आया।

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