एक नए अध्ययन में पाया गया है कि पौधे से उगाए गए प्रोटीन से युक्त एक्सपेरिमेंटल च्युइंग गम (Chewing gum) आपको कोरोना वायरस महामारी (SARS-CoV-2) वायरस के खतरे से बचा सकती है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह स्पेशल च्युइंग गम 95 प्रतिशत तक कोविड पार्टिकल्स को मुंह में ट्रैप कर लेती है, जिससे बीमारी को फैलने से रोकने में मदद मिलती है।
जर्नल मॉलिक्यूलर थेरेपी में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, ये स्पेशल च्यूइंग गम एक नेट की तरह काम करती है और कोरोना पार्टिकल्स को ट्रैप कर लेती है। ये लार (saliva) में वायरस की मात्रा को सीमित कर देती है और बीमारी के ट्रांसमिशन को खत्म करती है। जब संक्रमित लोग बात करते, सांस लेते और कफ करते हैं, तो ऐसे में बीमारी के फैलने का खतरा रहता है, लेकिन ये च्यूइंग गम इस ट्रांसमिशन को रोकने में मदद करती है।
इस स्पेशल च्युइंग गम में कोशिका की सतह पर पाए जाने वाले ACE2 प्रोटीन की प्रतियां होती हैं। रिपोर्ट की मानें तो यह वायरस कोशिकाओं को संक्रमित करता है, लेकिन हाल के प्रयोगों से पता चला है कि जब वायरस के कण च्यूइंग गम में ACE2 से जुड़ते हैं, तो वायरल लोड कम होता है। जब इन च्युइंग गम वाले सैंपल की जांच की गई, तो वायरल लोड 95 फीसदी तक कम था।
अमेरिका में पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ता हेनरी डेनियल (Henry Daniell) ने कहा कि इस गम का स्वाद सामान्य च्यूइंग गम की तरह ही होता है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आप इसे सामान्य तापमान पर अधिक समय तक स्टोर कर सकते हैं और इसे चबाने से ACE2 प्रोटीन के अणुओं को नुकसान नहीं होता है। इसके इस्तेमाल से लार पर वायरल लोड कम होता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि वैक्सीन के साथ इसका इस्तेमाल करने से मरीजों को काफी फायदा होगा और यह उन देशों के लिए भी सही है जहां वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं है या सस्ती है। हालांकि, यह च्युइंग गम अभी सामान्य उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि यह संक्रमित लोगों से वायरस को फैलने से रोकता है। उन्होंने कहा कि इस एक्सपेरिमेंटल च्युइंग गम में मौजूद प्रोटीन कोरोना वायरस के कणों को फंसाता है और लार में वायरस के प्रभाव को कम करता है।