आरबीआई ने आम आदमी के हित में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित पेश किया है। इसमें कहा गया है कि कम अमाउंट के डिजिटल बैंकिंग फ्रॉड के शिकार व्यक्ति को मुआवजा मिलेगा। इसमें व्यक्ति को नुकसान के 85 फीसदी तक मुआवजा मिल सकता है। इसके लिए 25,000 रुपये की लिमिट तय की गई है। यह मुआवजा एक व्यक्ति को सिर्फ एक बार ही मिलेगा। इसका मतलब है कि अगर व्यक्ति एक से ज्यादा बार फ्रॉड का शिकार होता है तो उसे बार-बार मुआवजा नहीं मिलेगा।
