Debt Cycles: आज के दौर में कर्ज लेना बहुत आसान हो गया। बस एक स्वाइप, एक टैप या चेकआउट के समय 'पे लेटर' चुनकर आप कर्ज ले लेते हैं। कोई लंबा फॉर्म नहीं, कोई इंतजार नहीं और बिना ज्यादा तामझाम के तुरंत काम हो जाता है। क्रेडिट इतना आसान हो गया है कि यह रोजमर्रा के खर्चों में घुल-मिल गया है। हालांकि, अगर इनका मैनेजमेंट सही से नहीं किया जाए तो ये छोटे-छोटे कर्ज बड़ा सिरदर्द बन सकते है। यही वजह है कि इसके जोखिम को समझना जरूरी हो जाता है।
