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प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी, छह महीने से कम नौकरी पर भी निकल जाएगा EPF का पूरा पैसा

EPFO ने एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (ईपीएस), 1995 के नियम में सरकार ने बदलाव किया है। अनुमान है कि इसका फायदा हर साल लाखों एंप्लॉयीज को मिलेगा। छह महीने से कम नौकरी पर भी ईपीएस में जमा उनका पैसा नहीं डूबेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 01, 2024 पर 11:32 AM
प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी, छह महीने से कम नौकरी पर भी निकल जाएगा EPF का पूरा पैसा
ईपीएफओ ने एक और बड़ा बदलाव किया है। उसने टेबल डी में संशोधन किया है। इससे ईपीएस मेंबर के विड्रॉल करने पर उसे नौकरी में पूरे होने वाले हर महीने का लाभ मिलेगा।

प्राइवेट नौकरी करने वाले करोड़ों लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब छह महीने से कम जॉब करने पर भी ईपीएफ में जमा पूरा पैसा निकल जाएगा। इसके लिए एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) ने नियमों में बदलाव किया है। इसका फायदा प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों को मिलेगा। खासकर उन लोगों को मिलेगा, जो नौकरी बदलते रहते हैं। इसके लिए एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (ईपीएस), 1995 के नियम में सरकार ने बदलाव किया है। सरकार ने इस बदलाव के बारे में 26 जून को जानकारी दी है। यह बदलाव क्या है, इसका फायदा किस तरह मिलेगा, किन लोगों को इसका फायदा मिलेगा? आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

ऐसे समझें क्या है यह बदलाव

ईपीएफ (EPF) में एंप्लॉयी का हर महीने दो तरह से पैसा जाता है। उसकी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी हर महीने प्रोविडेंट फंड (PF) में जाता है। हर महीने एंप्लॉयर (कंपनी) भी उतना ही पैसा कंट्रिब्यूट करता है। लेकिन, एंप्लॉयर के कुल कंट्रिब्यूशन का 8.33 फीसदी पैसा एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) में जाता है और 3.67 फीसदी पीएफ में जाता है। अभी तक यह नियम था कि अगर कोई एंप्लॉयी किसी कंपनी में छह महीने से पहले नौकरी छोड़ देता है तो उसे एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPF) में जमा पैसा नहीं मिलेगा। नियम में बदलाव के बाद अगर एंप्लॉयी 6 महीने से पहले नौकरी छोड़ता है तो भी उसे ईपीएस में जमा पैसा मिलेगा।

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