प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों की रिटायरमेंट प्लानिंग में एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) का बड़ा रोल है। एंप्लॉयीज ईपीएफ में निवेश में अनुशासन बरतता है। हर महीने उसकी बेसिक सैलरी (प्लस डीए)का 12 फीसदी ईपीएफ अकाउंट में जाता है। एंप्लॉयर भी एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में हर महीने इतना (बेसिक सैलरी का 12 फीसदी) कंट्रिब्यूट करता है। ईपीएफ का इंटरेस्ट रेट काफी अट्रैक्टिव है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए यह 8.25 फीसदी है। हर बार नौकरी बदलने पर एंप्लॉयी अगर ईपीएफ अकाउंट को नए एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर करता है इसमें रिटायरमेंट तक कंट्रिब्यूशन जारी रखता है तो रिटायर होने पर उसके लिए काफी अच्छा फंड तैयार हो सकता है।
