Fixed Deposit Interest Rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति बैठक में लगातार 10वीं बार रेपो रेट 6.5% पर बनाए रखा। इसके साथ ही अपनी मौद्रिक नीति का रुख विथड्रॉल ऑफ एकॉमोडेशन से न्यूट्रल कर दिया। इसका मतलब है कि भविष्य में महंगाई दर कम होने पर ब्याज दरों में कटौती संभव है। अब एक्सपर्ट का मानना है कि एफडी पर ज्यादा ब्याज चाहिए, तो अभी से करा देना चाहिए क्योंकि भविष्य में ब्याज दर कम हो सकती है। देश के बड़ें बैंक तीन साल की एफडी पर कितना ब्याज ऑफर कर रहे हैं, इसके बारे में बता रहे हैं।
