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PPF vs Bank FD: बेहतर रिटर्न के लिए कौन-सा विकल्प है बेस्ट? 6 पॉइंट्स में समझे पूरा गणित

PPF vs Bank FD Return Tax Rules: सुरक्षित निवेश के लिए सिर्फ ब्याज दरों को देखकर फैसला लेना भारी भूल हो सकती है। बैंक FD और PPF, SCSS जैसी सरकारी योजनाओं के बीच टैक्स नियमों, लिक्विडिटी, जमा सीमा और सरकारी सुरक्षा में जमीन-आसमान का अंतर है। जानिए कौन-सी स्कीम आपको देगी सबसे तगड़ा पोस्ट-टैक्स रिटर्न और आपकी जरूरत के हिसाब से पैसे निकालने की आजादी

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Oct 08, 2026 पर 9:54 AM
PPF vs Bank FD: बेहतर रिटर्न के लिए कौन-सा विकल्प है बेस्ट? 6 पॉइंट्स में समझे पूरा गणित
पैसा लगाने से पहले जमा की लिमिट, लॉक-इन अवधि, टैक्स नियम और सुरक्षा जैसे पहलुओं को समझना बेहद जरूरी है

Bank FD vs Small Savings Schemes: जब सुरक्षित निवेश की बात आती है, तो अधिकतर निवेशकों के सामने दो सबसे लोकप्रिय विकल्प होते हैं बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और सरकारी छोटी बचत योजनाएं। अमूमन लोग सिर्फ ब्याज दरों को देखकर फैसला ले लेते हैं, लेकिन केवल ब्याज दर देखकर निवेश करना कई बार नुकसानदायक साबित हो सकता है।

अपनी गाढ़ी कमाई को सही जगह लगाने के लिए जमा सीमा, लॉक-इन अवधि, टैक्स नियम और सुरक्षा जैसे पहलुओं को समझना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर है:

1. ब्याज दरें

स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स: केंद्र सरकार हर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें तय करती है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के लिए दरें स्थिर रखी गई हैं:

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