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गोल्ड खरीदने में इन 5 बातों का रखेंगे ध्यान तो आपको कभी नहीं उठाना पड़ेगा नुकसान

त्योहारों के दौरान खासकर धनतेरस और दिवाली पर गोल्ड खरीदने की परंपरा इंडिया में लंबे समय से रही है। इसे शुभ माना जाता है। आज गोल्ड खरीदना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है। खासकर हॉलमार्किंग अनिवार्य होने से फिजिकल गोल्ड खरीदने में रिस्क कम रह गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 05, 2024 पर 3:04 PM
गोल्ड खरीदने में इन 5 बातों का रखेंगे ध्यान तो आपको कभी नहीं उठाना पड़ेगा नुकसान
आज गोल्ड में निवेश के कई डिजिटल ऑप्शन उपलब्ध हैं। इनवेस्टर्स अपनी सुविधा के हिसाब से फिजिकल या डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकते हैं।

त्योहारों का सीजन आ चुका है। इंडिया में त्योहारों के दौरान खासकर धनतेरस और दिवाली पर गोल्ड खरीदना शुभ माना जाता है। गोल्ड की कीमतों में आई तेजी के बाद गोल्ड खरीदने का अट्रैक्शन और बढ़ गया है। इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स भी लोगों को अपना कुछ पैसा गोल्ड में लगाने की सलाह दे रहे हैं। आज गोल्ड में निवेश के कई डिजिटल ऑप्शन उपलब्ध हैं। इनवेस्टर्स अपनी सुविधा के हिसाब से फिजिकल या डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकते हैं। मनीकंट्रोल आपको कुछ ऐसी बातें बता रहा है, जिनका ध्यान गोल्ड में निवेश के दौरान आपको रखना चाहिए।

भरोसेमंद डीलर से खरीदें गोल्ड

अगर आप फिजिकल गोल्ड यानी गोल्ड ज्वैलरी या गोल्ड कॉइन खरीदना चाहते हैं तो सिर्फ भरोसेमंद ज्वेलर या डीलर से करें खरीदारी। ऐसे ज्वेलर हॉलमार्क वाली ज्वैलरी ही बेचते हैं। छोटे दुकानदारों के मुकाबले उनका रेट थोड़ा ज्यादा हो सकता है। लेकिन, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि गोल्ड एक लंबी अवधि का निवेश है। रेट से ज्यादा उसकी शुद्धता ज्यादा मायने रखती है।

EMI प्लान को ठीक से समझ लें

आजकल कई ज्वेलर ग्राहकों को गोल्ड खरीदने के लिए 'ईजी ईएमआई' प्लान ऑफर करते हैं। अगर आप इस प्लान में गोल्ड खरीदना चाहते हैं तो सबसे पहले उसके नियम और शर्तों को अच्छी तरह से समझ लें। आप यह कैलकुलेट कर लें कि आप ईएमआई के जरिए कुल कितना पेमेंट करने वाले हैं और उसके एवज में आपको कितने ग्राम गोल्ड मिल रहा है। यह भी कि ज्वेलरी के लिए ज्वेलर आपसे क्या कीमत वसूल रहा है। आम तौर पर ज्वेलर ऐसे प्लान के नियम और शर्तें अपने पक्ष में रखते हैं। ग्राहक यह समझ नहीं पाते।

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