आरबीआई को गोल्ड लोन कंपनियों के कामकाज में कई गड़बड़ियां मिली हैं। केंद्रीय बैंक ने 30 सितंबर को एक सर्कुलर जारी कर इन कंपनियों को सभी कमियां दूर करने को कहा है। इसके लिए उन्हें तीन महीने का समय दिया गया है। दरअसल, पिछले कुछ सालों में गोल्ड लोन का वॉल्यूम बहुत बढ़ा है। क्रेडिट रेटिग एजेंसी इकरा के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2020 से फाइनेंशियल ईयर 2024 के दौरान गोल्ड लोन की ग्रोथ (सीएजीआर) 25 फीसदी रही है। एनबीएफसी के मुकाबले बैंकों के गोल्ड लोन की ग्रोथ तेज रही है।
