Get App

Gold Loan: गोल्ड लोन में आरबीआई को कई गड़बड़ियां मिली हैं, लोन लेने से पहले ये बातें जरूर चेक कर लें

आरबीआई ने पाया है कि एनबीएफसी गोल्ड लोन देने में नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। उनके लोन प्रोसेस में भी केंद्रीय बैंक को कई तरह की कमियां मिली हैं। आरबीआई ने गोल्ड लोन कंपनियों को सभी कमियां दूर करने के लिए तीन महीने का समय दिया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 03, 2024 पर 12:08 PM
Gold Loan: गोल्ड लोन में आरबीआई को कई गड़बड़ियां मिली हैं, लोन लेने से पहले ये बातें जरूर चेक कर लें
क्रेडिट रेटिग एजेंसी इकरा के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2020 से फाइनेंशियल ईयर 2024 के दौरान गोल्ड लोन की ग्रोथ (सीएजीआर) 25 फीसदी रही है।

आरबीआई को गोल्ड लोन कंपनियों के कामकाज में कई गड़बड़ियां मिली हैं। केंद्रीय बैंक ने 30 सितंबर को एक सर्कुलर जारी कर इन कंपनियों को सभी कमियां दूर करने को कहा है। इसके लिए उन्हें तीन महीने का समय दिया गया है। दरअसल, पिछले कुछ सालों में गोल्ड लोन का वॉल्यूम बहुत बढ़ा है। क्रेडिट रेटिग एजेंसी इकरा के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2020 से फाइनेंशियल ईयर 2024 के दौरान गोल्ड लोन की ग्रोथ (सीएजीआर) 25 फीसदी रही है। एनबीएफसी के मुकाबले बैंकों के गोल्ड लोन की ग्रोथ तेज रही है।

पहला सवाल यह है कि आरबीआई को गोल्ड लोन कंपनियों के कामकाज की जांच में क्या कमियां मिलीं? दूसरा, अगर आप गोल्ड लोन लेना चाहते हैं तो आपको किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?

आरबीआई को क्या कमियां मिली हैं?

आरबीआई (RBI) ने कई चीजों पर आपत्ति जताई है। गोल्ड लोन कंपनियां (Gold Loan Companies) ग्राहक के गोल्ड की वैल्यू लगाने में थर्ड पार्टी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही हैं। गोल्ड लोन की वैल्यू लगाने के दौरान ग्राहक मौजूद नहीं रहता है। ग्राहक के गोल्ड लोन नहीं चुकाने पर ज्वेलरी की नीलामी में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही। लोन-टू-वैल्यू की मॉनिटरिंग कमजोर है। रिस्क वेट के नियमों का गलत इस्तेमाल हो रहा है। नो योर कस्टमर (KYC) कंप्लायंस फिनेटक कंपनियों के जरिए किया जा रहा है। इसके लिए ग्राहक का फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं हो रहा है। लोन की अवधि पूरी हो जाने के बाद सिर्फ थोड़े पैसे लेकर लोन की अवधि बढ़ाई जा रही है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें