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केंद्रीय कर्मचारियों को मायूसी, सरकार ने चौथी तिमाही में GPF पर नहीं बढ़ाया ब्याज दर, 7.1% पर बरकरार

सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) के तहत की जाने वाली बचत पर ब्याज दर मौजूदा वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। इससे पिछली यानी 31 दिसंबर को समाप्त तिमाही में भी GPF पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत थी। GPF), केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक सोशल सिक्योरिटी स्कीम है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 03, 2023 पर 10:42 PM
केंद्रीय कर्मचारियों को मायूसी, सरकार ने चौथी तिमाही में GPF पर नहीं बढ़ाया ब्याज दर, 7.1% पर बरकरार
GPF, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक सोशल सिक्योरिटी स्कीम है

सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) के तहत की जाने वाली बचत पर ब्याज दर मौजूदा वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। इससे पिछली यानी 31 दिसंबर को समाप्त तिमाही में भी GPF पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत थी। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार 3 जनवरी को नोटिफिकेशन में कहा गया, "यह दर एक जनवरी 2023 से 31 मार्च 2023 तक के लिए लागू रहेगी।" जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF), केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक सोशल सिक्योरिटी स्कीम है। GPF के अलावा राज्य रेलवे भविष्य निधि, अंशदायी भविष्य निधि, सशस्त्र बल कार्मिक भविष्य निधि और अखिल भारतीय सेवा भविष्य निधि सहित अन्य सरकारी भविष्य निधियों के लिए भी 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज जारी रहेगा।

इससे पहले 30 दिसंबर को वित्त मंत्रालय ने मार्च तिमाही के लिए कुछ छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 0.20 फीसदी से लेकर 1.10 फीसदी अंकों तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया था। सितंबर 2022 के बाद यह दूसरी मौका था, जब सरकार ने कुछ छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें बढ़ाईं।

सरकार ने जिन छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें बढ़ाई थीं, उनमें सीनियर सिटीजन स्कीम सेविंग्स (SCSS), मंथली इनकम स्कीम (MIS), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) और किसान विकास पत्र आदि शामिल हैं।

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