कई बिजनेसमैन सोचते हैं कि महीने का टर्नओवर करोड़ों में हो तो बैंक से लोन आसानी से मिल जाएगा। लेकिन हकीकत उलट है। बैंक नेट कैश फ्लो और खाते के व्यवहार को स्कैन करते हैं, न कि सिर्फ बड़े आंकड़ों को। स्वरोजगारियों के लिए बैंक स्टेटमेंट प्रॉफिट-लॉस से ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये 6-12 महीनों की वास्तविक वित्तीय कहानी उजागर करता है।
