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आपकी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी जितनी स्ट्रॉन्ग होगी साल 2025 में उतनी ज्यादा होगी कमाई

2025 में स्थितियां 2024 के मुकाबले अलग रह सकती हैं। अमेरिका में नया राष्ट्रपति शपथ लेगा। उसकी पॉलिसी का असर दुनियाभर खासकर इंडिया पर पड़ेगा। इधर, इनफ्लेशन का असर शहरी इलाकों में लोगों की खर्च करने की क्षमता पर दिख रहा है। कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ सुस्त पड़ती दिख रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 02, 2024 पर 2:48 PM
आपकी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी जितनी स्ट्रॉन्ग होगी साल 2025 में उतनी ज्यादा होगी कमाई
इंडिया की लॉन्ग टर्म स्टोरी अच्छी है और अर्निंग्स और वैल्यूएशन के बीच फर्क घटेगा। लेकिन इनवेस्टर्स को सही सेक्टर का चुनाव करने में सावधानी बरतनी होगी।

साल 2025 नजदीक आ गया है। रिटेल इनवेस्टर्स के लिए ऐसी स्ट्रेटेजी पर फोकस करना जरूरी हो गया है, जो उन्हें ग्लोबल चैलेंजेज के बीच सुरक्षा देगी। पिछले 2-3 साल में स्टॉक मार्केट से अच्छे मिले रिटर्न ने निवेशकों का आत्मविश्वास बहुत बढ़ा दिया है। यह चिंताजनक है। अभी मार्केट में तेजी की वजह ज्यादा लिक्विडिटी है। कुछ स्टॉक्स की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव, मिडिलईस्ट में टेंशन और यूक्रेन-रूस में टकराव को देखते हुए यह सावधानी बरतने का वक्त है।

इंडियन मार्केट से विदेशी निवेशक निकाल रहे पैसे

इंडियन मार्केट्स के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। लेकिन आपको अपनी उम्मीदों पर गौर करना होगा। लंबी अवधि में इंडिया की स्टोरी शानदार दिखती है। लेकिन, शॉर्ट टर्म में सावधानी बरतने की जरूरत है। विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर में 88,818 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। वे चीन और जापान जैसे सस्ते मार्केट्स में निवेश कर रहे हैं। इससे इंडिया से पूंजी निकल जाने का डर बढ़ा है। 28 अक्टूबर को बीएसई सेंसेक्स का पिछले 12 महीने का प्राइस-टू-अर्निंग्स रेशियो 24.1 गुना था, जबकि निफ्टी का 23.7 गुना था।

अच्छा रिटर्न दे चुके शेयरों के ज्यादा रिटर्न देने की कम उम्मीद

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