बड़े टैक्सपेयर्स को जल्द पूरी तरह से ऑटोमेटेड टैक्स फाइलिंग्स और कंप्लायंस का इस्तेमाल करना पड़ेगा। बड़े टैक्सपेयर्स के तहत कंपनियां, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) और मल्टीनेशनल कंपनियां शामिल होंगी। केंद्र सरकार ने थर्ड पार्टी के लिए अपने टैक्स पोर्टल के अप्लिकेशन प्रोग्रामिंड इंटरफेस (एपीआई) एक्सेस को ओपन कर दिया है।
