आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन सिर्फ कॉल करने का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारी पूरी वित्तीय और व्यक्तिगत पहचान का केंद्र बन चुका है। बैंकिंग ऐप्स, UPI, आधार लिंक्ड सेवाएं और पैन कार्ड से जुड़ी जानकारियां अक्सर हमारे स्मार्टफोन में सेव रहती हैं। ऐसे में अगर फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो यह न सिर्फ आर्थिक नुकसान बल्कि पहचान की चोरी (Identity Theft) का खतरा भी पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में घबराने के बजाय तुरंत कुछ कदम उठाना बेहद जरूरी है।
