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Mutual Funds: कम रिस्क, स्थिर रिटर्न की है चाह तो लो वोलैटिलिटी फंड निवेश के लिए हो सकता है बेहतर विकल्प

हेमंत रुस्तगी (Hemant Rustagi) ने कहा कि लो वोलैटिलिटी फंड का सेलेक्शन कम रिस्क, स्थिर रिटर्न के हिसाब से किया जाता है। इसके फंड के जरिए अस्थिरता में स्थिर और संतुलित रिटर्न मिलता है। अस्थिरता से कम प्रभावित होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 26, 2025 पर 5:33 PM
Mutual Funds: कम रिस्क, स्थिर रिटर्न की है चाह तो लो वोलैटिलिटी फंड निवेश के लिए हो सकता है बेहतर विकल्प
हेमंत रुस्तगी ने कहा कि लो वोलैटिलिटी फंड Nifty100 Low Volatility 30 इंडेक्स को ट्रैक करता है।

जिंदगी के हर कदम पर पैसों की जरूरत के लिए किस तरह प्लानिंग करें? योर मनी में हम आपको ना सिर्फ बचत करना बताते हैं, बल्कि अपनी बचत पर आप मोटा मुनाफा कैसे कमाया जाए ये गुर भी आपको सीखाता है, ताकि आप जिंदगी के हर गोल को अच्छे से पूरा कर सकें। आज लो वोलैटिलिटी फंड पर बात करेंगे। बाजार में जहां लगातार करेक्शन दिख रहा है। ऐसी स्थिति में लो वोलैटिलिटी फंड में कितना दम? इस पर बात करते हुए WISEINVEST के सीईओ हेमंत रुस्तगी (Hemant Rustagi) ने कहा कि लो वोलैटिलिटी फंड का सेलेक्शन कम रिस्क, स्थिर रिटर्न के हिसाब से किया जाता है। इसके फंड के जरिए अस्थिरता में स्थिर और संतुलित रिटर्न मिलता है। अस्थिरता से कम प्रभावित होता है।

उन्होंने कहा कि इस फंड के जरिए कम उतार-चढ़ाव वाले एसेट में निवेश किया जाता है। कम अस्थिरता वाले एसेट में निवेश से स्थिर रिटर्न मिलता है। इसमें कम रिस्क और बेहतर डायवर्सिफिकेशन मिलता है। बाजार में गिरावट के दौरान स्थिरता मिलती है। लो वौलेटिलिटी फंड दबाव के दौरान बेहतर प्रदर्शन करते हैं और बाजार में तेज उछाल के दौरान मध्यम रिटर्न देते है।

हेमंत रुस्तगी ने कहा कि लो वोलैटिलिटी फंड Nifty100 Low Volatility 30 इंडेक्स को ट्रैक करता है। रूल बेस्ड निवेश का तरीका है और इसके जरिए खास विशेषताओं वाले स्टॉक में निवेश करता है। इस फंड की बाजार की चाल के हिसाब से समीक्षा की जाती है।

लो वोलैटिलिटी फंड के फायदे के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें कम रिस्क, स्थिर रिटर्न और रूल बेस्ड निवेश का तरीका मिलता है। वहीं इस फंड के नुकसान के बारे में कहते हुए उन्होंने कहा कि कम रिटर्न और निवेश की सीमाएं तय होती है।

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