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ज्यादा रिटर्न के लिए मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों में इनवेस्ट करने जा रहे हैं? पहले ये बातें जान लें

पिछले तीन साल में मिडकैप और स्मॉलकैप स्कीमों ने निवेशकों को मालामाल किया है। ज्यादा रिटर्न के लिए इन स्कीमों में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। लेकिन, इन स्कीमों में निवेश करने से पहले कुछ बुनियादी बातों को समझ लेना जरूरी है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 07, 2024 पर 4:23 PM
ज्यादा रिटर्न के लिए मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों में इनवेस्ट करने जा रहे हैं? पहले ये बातें जान लें
पिछले चार साल में मिडकैप फंडों के इनवेस्टर अकाउंट की संख्या करीब दोगुनी यानी 1.4 करोड़ हो गई है।

म्यूचुअल फंडों की स्मॉलकैप और मिडकैप स्कीमों ने पिछले तीन साल में निवेशकों को मालामाल किया है। यही वजह है कि इन स्कीमों में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। एंफी के आंकड़ों से इस बात की पुष्टि होती है। पिछले चार साल में मिडकैप फंडों के इनवेस्टर अकाउंट की संख्या करीब दोगुनी यानी 1.4 करोड़ हो गई है। स्मॉलकैप फंडों के इनवेस्टर अकाउंट की संख्या करीब चार गुनी यानी 1.9 करोड़ हो गई है। मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों में निवेश करने से पहले आपको कुछ बुनियादी बातों को जान लेना जरूरी है। सबसे पहले यह कि इन फंडों में निवेश करने में रिस्क ज्यादा है।

नए निवेशकों के लिए नहीं हैं स्मॉलकैप और लार्जकैप फंड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आपको दूसरों को देखकर मिडकैप और स्मॉलकैप स्कीमों में निवेश नहीं करना चाहिए। आपको इनमें निवेश तभी करना चाहिए, जब आप रिस्क उठाने के लिए तैयार हैं। यही वजह है कि नए निवेशकों को एक्सपर्ट्स इन फंडों में निवेश करने की सलाह नहीं देते हैं। नए निवेशकों को लार्जकैप फंडों में निवेश करना चाहिए। फिर स्टॉक मार्केट की बारीकियों को समझने के बाद ही किसी को स्मॉलकैप और मिडकैप का रुख करना चाहिए।

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