मोबाइल नंबर बदलने या नया पता अपडेट करने के बाद अगर OTP नहीं आता, म्यूचुअल फंड रिडीम रुक जाता है या इंश्योरेंस पॉलिसी 'KYC पेंडिंग' हो जाती है, तो आप अकेले नहीं हैं। भारत का KYC सिस्टम कई ढीले-ढाले डेटाबेस का जाल है, जो एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़े नहीं हैं। बैंक, म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस और ब्रोकर्स सब अपनी-अपनी जानकारी रखते हैं, इसलिए अपडेट का सही क्रम बहुत मायने रखता है। गलत तरीके से करने पर हफ्तों लेन-देन फंस सकता है, सही क्रम से तो ज्यादातर बदलाव अपने आप हो जाएंगे।
