रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट यानी RERA के तहत बिल्डरों को प्रोजेक्ट में बिकने वाले फ्लैटों का कार्पेट एरिया बताना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का कहना है कि घर खरीदते समय सिर्फ बड़े एरिया के आंकड़े देखकर प्रभावित न हों। सेल्स टीम अक्सर सुपर बिल्ट-अप एरिया बताती है, जो सुनने में बड़ा लगता है, लेकिन असली सवाल यह है कि आपको रहने के लिए कितनी जगह मिल रही है
अपडेटेड Jun 12, 2026 पर 21:12