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किरायेदार ने प्रॉपर्टी पर किया कब्जा! घर वापिस पाने में लग गए 63 साल.. और मकान मालिक की 2 पीढ़ियां, सुप्रीम कोर्ट से मिली जीत

सोचिए अगर आपके पास शहर के पॉश इलाके में एक महंगी प्रॉपर्टी हो, लेकिन आप उसका इस्तेमाल ही नहीं कर पा रहे। क्योंकि उस पर किरायेदार कब्जा करके बैठा है। 63 साल से घर खाली नहीं किया और मनमानी कर घर घेरे पड़ा है? पिता कानूनी लड़ाई लड़ते हुए थक गए.. फिर बेटों ने इस कानूनी जंग को जारी रखा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 05, 2025 पर 1:04 PM
किरायेदार ने प्रॉपर्टी पर किया कब्जा! घर वापिस पाने में लग गए 63 साल.. और मकान मालिक की 2 पीढ़ियां, सुप्रीम कोर्ट से मिली जीत
सोचिए अगर आपके पास शहर के पॉश इलाके में एक महंगी प्रॉपर्टी हो, लेकिन आप उसका इस्तेमाल ही नहीं कर पा रहे। क्योंकि उस पर किरायेदार कब्जा करके बैठा है।

सोचिए अगर आपके पास शहर के पॉश इलाके में एक महंगी प्रॉपर्टी हो, लेकिन आप उसका इस्तेमाल ही नहीं कर पा रहे। क्योंकि उस पर किरायेदार कब्जा करके बैठा है। 63 साल से घर खाली नहीं किया और मनमानी कर घर घेरे पड़ा है? पिता कानूनी लड़ाई लड़ते हुए थक गए.. फिर बेटों ने इस कानूनी जंग को जारी रखा। लेकिन अजीब बात है कि अपना ही घर पाने में 63 साल का समय बीत गया। एक परिवार की 2 जेनरेशन घर पाने की लड़ाई में ही लगी रह गई। किरायेदार ने आराम से इतने साल एक पॉश एरिया के घर में निकाल दिये। ऐसा ही एक मामला 63 साल तक अदालत में चलता और आखिरकार अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रॉपर्टी मालिक के बच्चों को वह प्रॉपर्टी दे दी।

कब शुरू हुई कानूनी लड़ाई?

यह मामला 1952 में शुरू हुआ जब एक व्यक्ति (A) ने अपनी प्रॉपर्टी 10 साल के लिए कुछ लोगों (B) को किराए पर दी। 1962 में यह प्रॉपर्टी किसी और (C) को बेच दी गई। 1965 में नए मालिक (C) ने देखा कि किराएदार बिना अनुमति के जमीन पर कब्जा किए बैठे हैं, तो उन्होंने अदालत में बेदखली का केस दायर किया। लेकिन 1974 में यह केस सुप्रीम कोर्ट में हार गए।

हार के बाद भी नहीं रुके

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