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जानिए कैसे डॉलर के मुकाबले लाचार बनी भारतीय करेंसी, सिर्फ 5 महीनों में 90 से 95 पर पहुंचा रुपया

इस साल बहुत तेजी से डॉलर के मुकाबले रुपया 90 से 95 के लेवल पर आया है। बीते एक दशक में संभवत: पहली बार रुपये में इतनी तेज गिरावट आई है। रुपये में इस गिरावट का असर सिर्फ इकोऩॉमी पर नहीं बल्कि आम आदमी की जेब पर भी पड़ेगा

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड May 21, 2026 पर 6:17 PM
जानिए कैसे डॉलर के मुकाबले लाचार बनी भारतीय करेंसी, सिर्फ 5 महीनों में 90 से 95 पर पहुंचा रुपया
2013 में भी रुपये में तेज गिरावट आई थी, जब यह सिर्फ एक महीने में 60 से गिरकर 65 के लेवल पर पहुंच गया था।

पिछले कई महीनों से करीब रोजाना आप डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी की खबरें सुनते, पढ़ते और देखते होंगे। आपको यह लगता होगा कि डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। लेकिन, रुपये में आपके अनुमान से ज्यादा गिरावट आई है। बहुत तेजी से डॉलर के मुकाबले रुपया 90 से 95 के लेवल पर आया है। बीते एक दशक में संभवत: पहली बार रुपये में इतनी तेज गिरावट आई है।

सिर्फ 5 महीनों में 90 से 95 के लेवल पर आया रुपया

मनीकंट्रोल के एनालिसिस से पता चला है कि रुपये को 90 के लेवल से 95 के लेवल पर पहुंचने में सिर्फ 5 महीनों का समय लगा। 2013 के बाद डॉलर के मुकाबले रुपये में यह सबसे तेज गिरावट है। इससे पहले 2013 में रुपये में इतनी तेज गिरावट आई थी, जब यह सिर्फ एक महीने में 60 से गिरकर 65 के लेवल पर पहुंच गया था। तब काफी ज्यादा पूंजी देश से बाहर जाने और देश के बढ़ते करेंट अकाउंट डेफिसिट की वजह से रुपया गिरा था।

पहले भारतीय करेंसी में 5 रुपये की गिरावट में लंबा समय लगता था

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